Delhi-NCR से हट गईं GRAP-3 की पाबंदियां (फोटो- सोशल मीडिया) 
दिल्ली

दिल्ली वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! हटी GRAP-3 की पाबंदियां, स्कूल से लेकर गाड़ियों तक,जानें क्या बदला

Delhi NCR में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए नए साल के दूसरे दिन ही एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। AQI में आए सुधार को देखते हुए तत्काल प्रभाव से GRAP 3 की पाबंदियां हटाने का फैसला लिया है।

सौरभ शर्मा

Delhi NCR News: दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए नए साल के दूसरे दिन ही एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी सीएक्यूएम ने हवा की गुणवत्ता में आए सुधार को देखते हुए तत्काल प्रभाव से ग्रैप-3 की पाबंदियां हटाने का फैसला लिया है। पिछले कुछ दिनों से जहरीली हवा के चलते जो सख्त नियम लागू थे, अब उनमें ढील दे दी गई है। यह फैसला हवा के सुधरते स्तर और प्रदूषण में आई कमी के ट्रेंड को देखते हुए लिया गया है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पहली जनवरी को दिल्ली का एक्यूआई 380 दर्ज किया गया था, लेकिन 2 जनवरी की शाम चार बजे तक यह गिरकर 236 पर आ गया, जो एक बड़ा सुधार है। प्रदूषण के स्तर में आई इस भारी गिरावट को देखते हुए सीएक्यूएम की सब-कमेटी ने पूरे एनसीआर क्षेत्र से ग्रैप-3 के तहत लगाए गए सभी प्रतिबंधों को खत्म कर दिया है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सारे नियम हट गए हैं, अभी भी ग्रैप के पहले और दूसरे चरण के नियम लागू रहेंगे।

स्कूल्स और गाड़ियों पर मिली बड़ी छूट

इस फैसले का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों पर पड़ेगा। पांचवीं कक्षा तक के जो स्कूल बंद थे या ऑनलाइन चल रहे थे, अब वे पूरी तरह से फिजिकल क्लास के लिए खुल सकेंगे। इसके अलावा गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ पर लगी रोक भी हटा ली गई है, जिससे रुके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू हो पाएंगे। दफ्तरों के लिए पचास प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम की सलाह भी वापस ले ली गई है, यानी अब सभी ऑफिस पूरी क्षमता से काम करेंगे। वाहन चालकों के लिए भी अच्छी खबर है क्योंकि बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल गाड़ियां अब बिना किसी जुर्माने के डर के सड़कों पर दौड़ सकेंगी।

सावधान! अभी ये नियम रहेंगे लागू

भले ही ग्रैप-3 हट गया हो, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। दिल्ली प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए ग्रैप-1 और ग्रैप-2 के नियम सख्ती से लागू रहेंगे। होटल और रेस्तरां में कोयले या लकड़ी के तंदूर के इस्तेमाल पर अभी भी रोक रहेगी। निर्माण साइटों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। इसके अलावा खुले में कूड़ा या बायोमास जलाने पर भारी जुर्माना लगता रहेगा। निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए बढ़ाई गई पार्किंग फीस भी फिलहाल लागू रह सकती है।

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