Delhi Uttarakhand Security Alert: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली और उत्तराखंड के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट इन राज्यों में संभावित आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए जारी किया गया है। इस बात की जानकारी शानिवार को खुफिया एजेंसियों से जुड़े सुत्रों ने दी। अलर्ट के बाद प्रमुख धार्मिक स्थालों, इमारतों और पुलिस ठिकानों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, खुफिया विभाग ने यह अलर्ट हाल ही में धमकी भरा एक ईमेल मिलने के बाद जारी किया है। जिसमें आने वाले दिनों में संभावित हमले की बात कही गई थी। इसके अलावा अलर्ट जारी करने के पीछे उत्तराखंड में हाल ही में हुए निहंग सिखों और अधिकारियों के बीच हुई झड़प को भी माना जा रहा है।
हाल ही में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नागरासु गुरुद्वारे में निहंग सिखों के एक ग्रुप और अधिकारियों के एक विवाद को लेकर गतिरोध देखने को मिला था। 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में निहंगों को स्थानीय लोगों के साथ हुई झड़प के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए था। निहंग अपने चार साथियों की रिहाई की मांग कर रहे थे। हालांकि सिख प्रतिनिधिमंडल के दखल के बाद 23 जून को यह गतिरोध खत्म हो गया।
इसके बाद 25 जून को निहंगों का एक ग्रुप अपने साथियों की रिहाई की मांग करते हुए देहरादून जिले के कुल्हाल बॉर्डर (जो हिमाचल प्रदेश से सटा है) से जबरन उत्तराखंड में घुस आया। जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें किसी तरह समझा-बुझाकर वापस पावंटा साहिब भेज दिया। इसके बाद शनिवार को उत्तराखंड की एक जिला और सत्र अदालत ने गिरफ्तार किए गए चारों निहंग सिखों को जमानत दे दी।
जारी अलर्ट के मुताबिक, ईमेल में दिल्ली और उत्तराखंड के कई धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सरकारी दफ्तरों और रेलवे स्टेशनों और पुलिस ठिकानों को पर हमला करने की कही गई है। सुत्र ने बताया कि ईमेल में कुछ राजनीतिक नेताओं का नाम भी लिया गया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी हैं। ईमेल मिलने के बाद दिल्ली पुलिस, उत्तराखंड पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी है और एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों की सुरक्षी इंतजामों की समीक्षा की जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने जांच शुरु कर दी है और ईमेल की सच्चाई पता लगाने के लिए उसके स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है। साइबर एक्सपर्ट ईमेल के डिजिटल निशान की जांच कर रहे हैं जिससे यह पता लगाया जा सके कि धमकी असली है या महज एक अफवाह।