DU Viral Girls Protest Slogans Internet Battle: साउथ दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के बाद दिल्ली की सड़कों पर महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की छात्राओं द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन ने अपनी अनोखी शैली और 'मीम कल्चर' वाले नारों के कारण पूरे देश और सोशल मीडिया का ध्यान खींचा है। "एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा?" और "एक सुट्टा दो चाय, मर्द जात हाय-हाय" जैसे हल्के-फुल्के लगने वाले नारों के जरिए छात्राओं ने महिलाओं की सुरक्षा, रातों की आजादी और समाज की घटिया मानसिकता पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जंतर-मंतर से लेकर विश्वविद्यालय परिसर तक गूंज रहे इन स्लोगन्स ने इंटरनेट पर एक 'स्लोगन बैटल' शुरू कर दी है, जहाँ कमेंट सेक्शन में भी यूजर्स '1 जीरा, 2 अजवाइन...' जैसे नए-नए तुकबंदी वाले नारे लिखकर समर्थन दे रहे हैं। ‘क्यूटी नहीं, क्रांति हूं’ और ‘रातों पर भी हक है हमारा’ जैसे नारों के साथ छात्राएं यह संदेश दे रही हैं कि सुरक्षा के नाम पर उनकी आवाजाही और आजादी पर रोक लगाना अब मंजूर नहीं है।
एक समय था जब प्रदर्शन का मतलब गंभीर चेहरे, पोस्टर और जोरदार नारे हुआ करते थे। लेकिन अब विरोध जताने का तरीका भी बदल रहा है। जंतर-मंतर के प्रदर्शनों के बाद मीम कल्चर और मजेदार स्लोगन भी प्रोटेस्ट का हिस्सा बनते नजर आ रहे हैं। दिल्ली में चल रहे महिला प्रदर्शन के बीच छात्राओं के कई क्रिएटिव नारे सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। आन्या, अदिति और उनकी साथियों के वीडियो में महिलाओं की सुरक्षा और आजादी से जुड़े मुद्दों को मजाकिया अंदाज में उठाया गया है।
तो वहीं कुछ DU की कुछ छात्राएं ‘हम औरतें आजाद हैं’, ‘रातों पर भी हक है हमारा’ और ‘रैपिस्ट को अंदर करो, लड़कियों को नहीं’ जैसे नारों के सवाल उठा रही हैं कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनकी आवाजाही पर पाबंदी क्यों लगाई जाए।
उनका मुद्दा सिर्फ किसी एक घटना तक सीमित नहीं है। सड़क, कॉलेज, पब्लिक ट्रांसपोर्ट या रात में बाहर निकलने के दौरान लड़कियों को जिस डर का सामना करना पड़ता है, प्रदर्शन में उसी चिंता को सामने रखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर इन प्रदर्शनों के मजेदार और तुकबंदी वाले नारे तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं को ‘एक कचौड़ी दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा’ कहते हुए सुना जा सकता है। वीडियो के कमेंट सेक्शन में भी लोगों ने इसी अंदाज में कई नए स्लोगन लिखे हैं।
एक यूजर ने लिखा, ‘1 जीरा, 2 अजवाइन, मर्द जात दो रिजाइन।’ वहीं दूसरे ने कमेंट किया, ‘1 पॉर्ल, 2 ओरिया, शाबाश हमारी छोरिओ।’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘2 प्याज एक बिरियानी, हर मर्द की अलग कहानी।’ इसके अलावा ‘गरम-गरम वड़ा पांव, मर्द जात सुधर जाओ’ जैसे कमेंट भी देखने को मिल रहे हैं।
एक दूसरे वीडियो में अदिति नाम की एक यूजर और उनकी दोस्तों को ‘एक सुट्टा दो चाय, मर्द जात हाय-हाय’ का नारा लगाते हुए सुना जा सकता है। इसके अलावा प्रदर्शन में कई और नारे भी चर्चा में हैं।
इनमें ‘नहीं किसी के बाप की, नारी अपने आप की’, ‘शर्म नहीं है मर्दों में, औरत क्यों है पर्दों में’, ‘मुन्ना करें कुछ भी कांड, हर बार होगी मुन्नी बदनाम’ और ‘क्यूटी नहीं, क्रांति हूं’ जैसे स्लोगन शामिल हैं।
इन नारों का अंदाज भले ही मजाकिया हो, लेकिन इनके जरिए छात्राएं महिलाओं की सुरक्षा, आजादी और समाज की सोच से जुड़े सवाल उठा रही हैं।
जहां कुछ नारों में ‘मर्द जात’ के खिलाफ विरोध नजर आ रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लड़कों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा, ‘1 इडली, 2 डोसा, हर मर्द नहीं एक जैसा।’ दूसरे ने लिखा, ‘मक्के की रोटी, सरसों का साग, नारी शक्ति जिंदाबाद।’
यानी प्रदर्शन के नारों से लेकर सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन तक, विरोध दर्ज कराने का अंदाज काफी क्रिएटिव हो गया है। गंभीर मुद्दों को हल्के-फुल्के और तुकबंदी वाले नारों के जरिए सामने रखने का यह तरीका लोगों का ध्यान खींच रहा है।