CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका हुए रिहा।
SEM कोर्ट से दोनों को मिली जमानत।
रिहाई के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर।
Ashutosh Ranka Saurav Das Bail: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से जमानत मिल गई है। दोनों नेता करीब सात दिन बाद जेल से रिहा होंगे। बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पहले अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दिल्ली पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन बाद में कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।
दोनों नेताओं को पहले पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया था। इसके बाद उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई थी। अब कोर्ट के फैसले के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
इससे पहले सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान दोनों की ओर से पेश वकील ने याचिका वापस लेने की बात कही। इसके बाद याचिका वापस ले ली गई।
सुनवाई के दौरान दोनों नेताओं की उम्र का भी जिक्र हुआ। उनके वकील ने अदालत को बताया कि सौरव दास की उम्र 27 साल और आशुतोष रांका की उम्र 31 साल है। इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की, 'तो ये जेन-जी नहीं हैं।' जज ने यह भी पूछा कि मिलेनियल्स और जेन-जी की उम्र का दायरा क्या है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है और इस पर कोई संदेह नहीं है। हालांकि, जब किसी मामले में शांति भंग होने की आशंका पर विचार किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति की पहचान, उसकी गतिविधियों और मंशा जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
अदालत ने कहा कि शांति भंग होने की आशंका के आधार पर मजिस्ट्रेट को फैसला लेते समय इन पहलुओं पर विचार करना होता है।
सौरव दास और आशुतोष रांका पर आरोप है कि वे जंतर-मंतर में प्रवेश करने के लिए बंद गेट के ऊपर से कूदकर अंदर गए थे। उस समय जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसी मामले में दोनों को हिरासत में लिया गया था और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
आरोपों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने CJP के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे भी लगाए गए थे।