Sonam Wangchuk Hunger Strike: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर 19 दिन से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में देशभर से लोग आ रहे हैं। अनशन का आज 19वां दिन है। सोनम वांगचुक से मिलने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी पहुंचे।
सीजेपी ने अपने एक्स हैंडल पर सोनम वांगचुक और CJP का समर्थन देने के लिए अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद दिया। CJP ने कहा कि आपका समर्थन हमारे छात्रों के भविष्य के लिए इस अहम लड़ाई को मजबूत बनाता है।
जंतर मंतर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं सोनम वांगचुक को सलाम करता हूं जो अपने लिए नहीं आप लोगों के लिए, युवाओं और देश के बच्चों के लिए अपनी जान दाव पर लगाकर पिछले 19 दिन से अनशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज उनका 19वां दिन है।
सरकार को चेतावनी देते हुए केजरीवाल ने कहा कि युवाओं, कॉकरोच मूवमेंट और सोनम वांगचुक की बात सुनें, वरना तीन साल बाद आपका (केंद्र सरकार का) भी 2014 जैसा हाल होगा। मैं एक प्रस्ताव भी रखता हूं, धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव देते हुए केजरीवाल ने कहा कि मैं पीएम को सुझाव देता हूं, धर्मेंद्र प्रधान को हटा दें और सोनम वांगचुक को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाएं।
दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, इसी जगह पर मैं अप्रैल 2011 में अन्ना हजारे के साथ बैठा था। मैं सरकार से सोनम वांगचुक की बात सुनने का आग्रह करता हूं, वरना तीन साल बाद उसे भी वही हश्र झेलना पड़ेगा।
जंतर मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि लगातार परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं। पेपर में गड़बड़ियां हैं और मूल्यांकन प्रक्रिया में कमियां हैं। जब NEET का पेपर लीक हुआ तो 20 छात्रों ने आत्महत्या कर ली, फिर भी सरकार ने किसी को यह भरोसा दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया कि पेपर लीक दोबारा नहीं होंगे।
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आगे उन्होंने कहा कि NEET की घटना के बाद और भी पेपर लीक हुए और CBSE की मूल्यांकन प्रणाली में भी गड़बड़ियां पाई गईं, फिर भी इसमें शामिल कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसा लगता है कि सरकार अहंकार में डूबी हुई है। मैं सरकार से कहना चाहता हूं: या तो युवाओं की आवाज़ सुनें, वरना यही युवा 2029 में आपको सत्ता से बाहर कर देंगे।