पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (सोर्स: नवभारत)
रायपुर

धान खरीदी से PSC तक, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की 2024 की परीक्षा रद्द करने की मांग

Bhupesh Baghel Statement: साय सरकार पर सवाल उठाते हुए पूर्व सीएम बघेल ने धान खरीदी एक नवंबर से शुरू करने की पैरवी की। साथ ही पीएससी की 2024 की परीक्षा रद्द कर जांच सीबीआई से कराने की मांग की।

जयदास मानिकपुरी, चंदू निर्मलकर

Highlights

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साय सरकार पर बोला हमला।

  • छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की 2024 की परीक्षा रद्द की सीबीआई जांच की मांग।

  • धान खरीदी के मुद्दे पर भी पूर्व सीएम बघेल ने बोला हमला।

  • महतारी वंदन योजना में हितग्राहियों की संख्या बढ़ाने की मांग की।

Former Chief Minister Bhupesh Baghel Statement: दशहरा के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा, महतारी वंदन योजना और राजधानी की यातायात व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए धान खरीदी एक नवंबर से शुरू करने की पैरवी की। साथ ही पीएससी की 2024 की परीक्षा रद्द कर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।

धान खरीदी की व्यवस्था ठीक नहीं

भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार धान खरीदी की व्यवस्था ठीक से नहीं कर पा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक नवंबर से धान खरीदी शुरू की जा सकती है, तो इसमें देरी क्यों की जा रही है? क्या सरकार समय पर किसानों का धान खरीदना ही नहीं चाहती? उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

सीजीपीएससी परीक्षा में पारदर्शिता को लेकर बघेल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली सरकार के कार्यकाल में गड़बड़ी के आरोप सामने आ रहे हैं, लेकिन जांच क्यों नहीं हो रही? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करवा रहे हैं। बघेल ने अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने, पीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति में हो रही देरी पर जवाब देने और वर्ष 2024 की परीक्षा रद्द कर सीबीआई जांच कराने की मांग की।

यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल

राजधानी रायपुर की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री और अधिकारी राजधानी में दो-दो बंगले रखे हुए हैं, ऐसे में मंत्रियों को राजधानी के बंगले छोड़ देने चाहिए। बीटीआई ग्राउंड में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने के फैसले को भी उन्होंने गलत बताया।

महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की बढ़नी चाहिए संख्या

बघेल ने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों से वसूली होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि योजना में लाभार्थियों की संख्या 70 लाख से घटकर 68 लाख रह गई है, जबकि पात्र हितग्राहियों की संख्या बढ़नी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने विस्तृत आंकड़े पेश नहीं किए।

त्योहारों के दौरान महंगाई का मुद्दा उठाते हुए बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई से परेशान है और प्रधानमंत्री इसे कम करने में नाकाम रहे हैं। तेल बचाने की अपील करने के बावजूद जन्मदिन पर लाखों दीये जलवाने को लेकर भी उन्होंने तंज कसा। बघेल के इन बयानों से धान खरीदी, पीएससी परीक्षा और सरकारी योजनाओं को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाने के आसार हैं।

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