डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन को 492 दिन पूरे।
नवा रायपुर के तूता में नियुक्ति की मांग को लेकर डटे है अभ्यर्थी।
2300 रिक्त पदों पर अब तक नियुक्ति नहीं।
योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका।
Assistant Teacher Recruitment in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के शेष पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का संघर्ष लंबा होता जा रहा है। राजधानी रायपुर के तूता में जारी आमरण अनशन को 492 दिन पूरे हो चुके हैं। गुलाबी ठंड की शुरुआत के बीच भी अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से हजारों योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
डीएड अभ्यर्थियों के मुताबिक सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के करीब 2300 रिक्त पदों पर अब तक नियुक्ति नहीं हुई है। उनका कहना है कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को इस मामले में आदेश जारी किए थे। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी 28 अगस्त 2024 को राज्य शासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर अभ्यर्थियों ने शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि 2621 बीएड अभ्यर्थियों को बर्खास्त किए जाने के बाद भी उनके स्थान पर डीएड योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई। उनका दावा है कि बर्खास्त अभ्यर्थियों में से कुछ को विज्ञान प्रयोगशालाओं में समायोजित किया गया जबकि डीएड अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार 17 दिसंबर 2025 को विधानसभा में विधायक रिकेश सेन ने शेष पदों पर नियुक्ति की समय-सीमा को लेकर सवाल उठाया था। उनका कहना है कि शिक्षा मंत्री की ओर से निश्चित समय-सीमा नहीं बताए जाने से उनकी निराशा और बढ़ गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। उन्होंने शेष पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और न्यायालयीन आदेशों के पालन के लिए है। 492 दिनों से जारी इस संघर्ष का अंत कब होगा और करीब 2300 पदों पर नियुक्ति को लेकर शिक्षा विभाग अपना रुख कब स्पष्ट करेगी?