रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (सोर्स- नवभारत)
रायपुर

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक भर्ती पर बवाल, UGC नियमों की अनदेखी का आरोप

PTRSU Recruitment Controversy: सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया में UGC के नियमों की कथित अनदेखी, चयनित अभ्यर्थियों की योग्यता और शैक्षणिक अंकों के निर्धारण को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई।

जयदास मानिकपुरी, चंदू निर्मलकर

Highlights

  • भर्ती प्रक्रिया में UGC के नियमों की कथित अनदेखी।

  • शिकायतकर्ताओं ने नियुक्तियां निरस्त और जांच करने की मांग की।

  • मानव विज्ञान विषय में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती सवालों के घेरे में।

  • चयनित अभ्यर्थियों के चयन पर उठे सवाल।

Chhattisgarh PTRSU Recruitment Controversy: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में मानव विज्ञान विषय के सहायक प्राध्यापकों की भर्ती विवादों में घिर गई है। भर्ती प्रक्रिया में UGC के नियमों की कथित अनदेखी, चयनित अभ्यर्थियों की योग्यता और शैक्षणिक अंकों के निर्धारण को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने नियुक्तियां निरस्त करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

तीन पदों पर भर्ती, चयन प्रक्रिया पर सवाल

शिकायत के अनुसार विश्वविद्यालय के विज्ञापन क्रमांक 3650/Estb/Gen.Adm./2004, दिनांक 13 दिसंबर 2024 के तहत सहायक प्राध्यापक के तीन पद विज्ञापित किए गए थे। इन पदों के लिए 16 और 17 सितंबर 2026 को साक्षात्कार आयोजित किए गए। शिकायत में चयनित अभ्यर्थियों श्रीपर्णा बनर्जी, ग्रेट गुलशन बर्नाड और निर्मला तिग्गा के चयन पर सवाल उठाए गए हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि भर्ती में शैक्षणिक योग्यता, शोध अनुभव, शोध पत्रों के प्रकाशन और API स्कोर जैसे मानकों को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई। शिकायत में दावा किया गया है कि बेहतर शैक्षणिक और शोध संबंधी योग्यताएं रखने वाले अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

शिकायतकर्ताओं ने लेटर में की ये मांग

PTRSU Latter.pdf
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अंकों में बदलाव और आरक्षित वर्ग की सूची पर भी आपत्ति

शिकायत में शैक्षणिक स्कोर और साक्षात्कार के अंकों से संबंधित प्रावधानों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा, राज्य के बाहर के SC/ST अभ्यर्थियों की सूची और बाद में जारी संशोधित सूची को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने चयन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने क्या कहा?

इस मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई। प्रबंधन ने कहा कि संबंधित भर्ती नियमों और UGC के गाइडलाइन के तहत की गई है। हालांकि भर्ती के खिलाफ दर्ज शिकायतों और आपत्तियों के निराकरण की स्थिति को लेकर सवाल पूछे जाने पर प्रबंधन स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आया। शिकायतकर्ता ने चयनित अभ्यर्थियों, उनके मार्गदर्शकों और चयन समिति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की मांग भी की है। भर्ती प्रक्रिया पर उठी आपत्तियों का निराकरण कब होगा? आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच और विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण जरूरी है।

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