विष्णु देव साय (सौजन्यः सोशल मीडिया)  
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के भूमिहीन मजदूरों को 10 हजार रुपये देगी सरकार, CM विष्णु देव साय ने की योजना की शुरुआत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। ऐसे लोग भी हैंजिनके पास कृषि भूमि भी नहीं है और वे खेत मजदूर के रूप में अपनी आजीविका कमाते हैं।

मनोज आर्या

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने योजना के शुरुआत करते हुए कहा कि राज्य सरकार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रति वर्ष 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस योजना से उनकी आय बढ़ेगी और उनका भविष्य सुरक्षित होगा। सरकार ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 5.62 लाख से अधिक लाभार्थियों को कवर किया जाएगा, जिसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों के अलावा आर्थिक रूप से कमजोर सामाजिक समूहों को भी शामिल किया गया है।

रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में योजना को शुरू करने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2023 के चुनाव से पहले राज्य की जनता को दी गई एक और गारंटी (चुनावी वादा) पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत भूमिहीन खेत मजदूरों को (एक ही किस्त में) सालाना 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

हमने विधानसभा चुनाव में वादा किया था- सीएम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। ऐसे लोग भी हैंजिनके पास कृषि भूमि भी नहीं है और वे खेत मजदूर के रूप में अपनी आजीविका कमाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, हमने भूमिहीन कृषि मजदूर भाइयों और बहनों से (2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान वित्तीय सहायता प्रदान करने का) वादा किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी कार्यक्रम से कुल 5,62,112 लोग लाभान्वित होंगे और उन्हें प्रति वर्ष 562.11 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 

इस योजना से मजदूर परिवार को मिलेगी मदद

इस योजना की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की शुद्ध आय में वृद्धि करके उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य भी सुरक्षित होगा। यह योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनेगी।

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