छत्तीसगढ़ में जांच एजेंसियों ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की।
EOW और ED की टीमों ने कई जिलों में छापेमारी की।
रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव में जांच जारी है।
यह कार्रवाई CSMCL और कोल लेवी मामले से जुड़ी है।
अधिकारी वित्तीय दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की जांच कर रहे हैं।
Chhattisgarh EOW ED Raid : छत्तीसगढ़ में शुक्रवार सुबह जांच एजेंसियों ने हड़कंप मचा दिया। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई शुरू की। प्रवर्तन निदेशालय की टीम भी जांच में शामिल हुई। प्रदेश के कई जिलों में एक साथ दबिश दी गई। रायपुर और बिलासपुर में सुबह से हलचल तेज रही। राजनांदगांव और दुर्ग में भी टीमें तैनात दिखीं। अधिकारियों ने कई परिसरों को अपने घेरे में लिया।
राजधानी रायपुर में ED ने तीन से चार जगह दबिश दी। अधिकारी सुबह से ही घरों के भीतर मौजूद हैं। वे वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। बैरन बाजार में कारोबारी अनवर ढेबर का आवास है। वहां भी जांच टीम के पहुंचने की खबर सामने आई। हालांकि इस विशेष कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
राजनांदगांव में EOW और ACB ने सख्त कदम उठाया। वहां दो प्रमुख कारोबारियों के घर पर टीम पहुंची। पहला छापा व्यवसाई जय बग्गा के घर पर पड़ा। दूसरा छापा सनसिटी निवासी वैभव गोलछा के घर पड़ा। दोनों स्थानों पर दस्तावेजों की गहन जांच चल रही है।
राजिम और नवापारा क्षेत्र में भी टीमें सक्रिय दिखीं। वहां सोना-चांदी और कपड़ा व्यापारियों पर शिकंजा कसा गया। कारोबारी विमल पारख के ठिकानों पर टीम पहुंची। कारोबारी राजा पारख के परिसर की भी तलाशी ली गई।
शांति विजय ज्वेलर्स में अधिकारी दस्तावेज खंगाल रहे हैं। नवकार ज्वेलर्स पर भी सुबह से कार्रवाई जारी है। रायपुर के वीआईपी स्टेट में भी टीम पहुंची। वहां सुदर्शन शर्मा के निवास पर दबिश दी गई। सुदर्शन शर्मा का संबंध रियल एस्टेट कारोबार से है। उनके घर पर शराब घोटाले के सिलसिले में जांच हुई।
यह पूरी कार्रवाई दो मुख्य मामलों से जुड़ी हुई है। पहला मामला CSMCL यानी शराब घोटाले का है। इसमें मेडिकल उपकरणों की खरीदी में भी गड़बड़ी का आरोप है। दवाओं की खरीद में हुई अनिमितताओं की जांच चल रही है।
दूसरा मामला कोयला लेवी से संबंधित बताया जा रहा है। इसमें कोयला परिवहन के दौरान अवैध वसूली का आरोप है। जांच एजेंसियां अवैध पैसों के लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण फाइलें अपने कब्जे में ली हैं। डिजिटल साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है। बैंक खातों और संपत्ति के ब्योरे की जांच हो रही है।
फिलहाल प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कार्रवाई जारी है। गरियाबंद और भिलाई में भी टीमों की मौजूदगी की खबर है। तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों का ब्योरा अभी गोपनीय है। जांच एजेंसियां जल्द ही इस पर आधिकारिक बयान जारी करेंगी। मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ संभव है।