मतदान केंद्रों की संख्या 463 से बढ़कर 485 होने की संभावना।
2021 में 4.07 लाख थे मतदाता, अब 3.36 लाख होने की जानकारी।
भिलाई में एसआईआर के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता।
Bhilai Nagar Nigam Election 2026: भिलाई निगम क्षेत्र की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है। वर्ष 2021 के आंकड़ों की तुलना में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाताओं की संख्या में लगभग 71 हजार की कमी बताई जा रही है। इस अंतर ने चुनावी तैयारियों और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही इस बार महापौर पद के लिए होने वाले प्रत्यक्ष चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी में बैठे नेताओं की चिंता भी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में भिलाई नगर निगम क्षेत्र में कुल 4,07,624 मतदाता दर्ज थे। वहीं, पुनरीक्षण के बाद वर्तमान मतदाताओं की संख्या 3,36,565 बताई जा रही है। दोनों आंकड़ों के बीच 71,059 मतदाताओं का अंतर है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस अंतर के पीछे क्या कारण हैं और वास्तव में कितने नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
आमतौर पर मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं के नाम जुड़ने से संख्या बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे में मतदाताओं की संख्या में इतनी बड़ी गिरावट चर्चा का विषय बन गई है। सवाल यह है कि क्या पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, या फिर पुराने और वर्तमान आंकड़ों के बीच अंतर की कोई दूसरी वजह है? इन सवालों का जवाब निर्वाचन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों और रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ मतदान केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया भी जारी है। जानकारी के मुताबिक, भिलाई नगर निगम क्षेत्र में पहले 463 मतदान केंद्र थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर 485 किए जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि प्रति मतदान केंद्र लगभग 1,000 मतदाताओं के मानक को ध्यान में रखते हुए यह प्रक्रिया की जा रही है। हालांकि, मतदान केंद्रों की प्रस्तावित संख्या को लेकर भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
जानकारी के अनुसार, विधानसभा भिलाई क्षेत्र के ऐसे पात्र नागरिक, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे 30 अक्टूबर तक नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मतदाताओं की संख्या में आई कथित कमी और मतदान केंद्रों की संख्या में संभावित बदलाव को लेकर संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। फिलहाल, वर्ष 2021 और वर्तमान में बताए जा रहे आंकड़ों के बीच का अंतर जांच और स्पष्टीकरण का विषय है। पुराने एवं नए रिकॉर्ड का आधिकारिक मिलान होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए, कितने मतदाता स्थानांतरित हुए और कितने नए नाम जोड़े जाने बाकी हैं