जगदलपुर बस्तर रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त सोर्स - नवभारत
बस्तर

बस्तर में 40 फीट गहरी खाई से थमी रफ्तार, 80 मशीनें और 800 मजदूर जुटे, दशहरा पर्यटन और इलाज प्रभावित

Jagdalpur Bastar Railway Track Damage : मल्लीगुड़ा में भूस्खलन के बाद केके रेललाइन 21 दिन से बंद है। 40 फीट गहरी खाई भरने में 800 मजदूर जुटे हैं। इससे स्थानीय पर्यटन प्रभावित हुआ है।

अजय श्रीवास्तव, ऐश्वर्या द्विवेदी

Highlights

  • मल्लीगुड़ा स्टेशन के पास 25 सितंबर को बड़ा भूस्खलन हुआ।

  • पटरी के नीचे की मिट्टी बहने से 40 फीट गहरा गड्ढा बना।

  • इस वजह से पिछले 21 दिन से केके रेललाइन पूरी तरह ठप है।

  • रेल मार्ग बंद होने से बस्तर दशहरा का पर्यटन बुरी तरह प्रभावित है।

  • करीब 800 मजदूर और 80 मशीनें रात-दिन मरम्मत में जुटी हैं।

Bastar Malligura Station Railway line Repair : छत्तीसगढ़ के बस्तर की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया है। जगदलपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर बड़ा हादसा हुआ। मल्लीगुड़ा रेलवे स्टेशन के पास भारी भूस्खलन हुआ है। पहाड़ से गिरे मलबे ने रेल मार्ग पूरी तरह रोक दिया। पानी के तेज बहाव से पटरी की मिट्टी बह गई। घटनास्थल पर अब 40 फीट गहरी खाई बन चुकी है। करीब 60 मीटर रेलखंड का आधार पूरी तरह तबाह हो गया।

मरम्मत में जुटीं 80 मशीनें

रेलवे इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने में लगा है। घटनास्थल पर मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है। लगभग 800 मजदूर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वहां 80 मशीनें और भारी वाहन तैनात किए गए हैं। जेसीबी, ट्रक और ट्रैक्टर लगातार मिट्टी भरने में लगे हैं। पहाड़ से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। यह रिसाव काम में बड़ी बाधा बना हुआ है।

पर्यटन और व्यापार पर असर

रेल बंद होने से विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा प्रभावित हुआ है। दशहरा उत्सव देखने बाहरी राज्यों से सैलानी आते हैं। ट्रेनें बंद होने से सैलानी जगदलपुर नहीं पहुंच पा रहे। इस वजह से स्थानीय होटल व्यवसाय को झटका लगा है। होटल संचालकों को भारी नुकसान की चिंता सता रही है। पर्यटन के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी धीमी पड़ गई हैं।

मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें

इस संकट का बुरा असर मरीजों पर भी पड़ा है। बेहतर इलाज के लिए लोग दूसरे शहरों में जाते हैं। रेल सेवा बंद होने से मरीज बेहद परेशान हैं। उन्हें अब सड़क मार्ग पर निर्भर होना पड़ रहा है। सड़क से जाने में ज्यादा पैसा और समय लग रहा है। आपात स्थिति में सही समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया है।

करोड़ों के नुकसान का अनुमान

रेल परिचालन ठप होने से मालगाड़ियां भी रुकी हुई हैं। इस मार्ग से भारी मात्रा में लौह अयस्क भेजा जाता है। ढुलाई रुकने से रेलवे को रोज करोड़ों का नुकसान है।विशाखापट्टनम और रायगड़ा मंडल के अधिकारी मौके पर हैं। वरिष्ठ अफसर लगातार काम की सीधी निगरानी कर रहे हैं। रेलवे ने 18 अक्टूबर तक बहाली का लक्ष्य रखा है।

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