UP TGT PGT 2026 New Exam Pattern: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना संजोए लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने TGT और PGT भर्ती 2026 के लिए नया सिलेबस और परीक्षा गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इस बार आयोग ने परीक्षा प्रणाली में ऐसे क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जो अभ्यर्थियों की तैयारी की रणनीति को पूरी तरह से बदल कर रख देंगे।
इस भर्ती परीक्षा के इतिहास में सबसे बड़ा उलटफेर यह हुआ है कि अब अभ्यर्थियों को तुक्का लगाने की आजादी नहीं मिलेगी। आयोग ने पहली बार टीजीटी और पीजीटी दोनों ही परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग लागू करने का निर्णय लिया है। इससे पहले की परीक्षाओं में केवल विषय से संबंधित प्रश्न पूछे जाते थे और गलत उत्तर पर अंक कटने का कोई प्रावधान नहीं था। इस नए नियम के बाद अब एक-एक अंक की कीमत बढ़ जाएगी और अभ्यर्थियों को बेहद सावधानी से उत्तर चुनने होंगे।
आयोग ने न केवल सिलेबस बल्कि परीक्षा के पूरे ढांचे को ही बदल दिया है। नए पैटर्न के अनुसार, अब परीक्षा में कुल 120 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें से 90 प्रश्न संबंधित विषय के होंगे, जबकि 30 प्रश्न जनरल स्टडीज के शामिल किए गए हैं।
मार्किंग स्कीम की बात करें तो प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का होगा, जिससे लिखित परीक्षा कुल 360 अंकों की हो जाएगी। इसके अलावा, PGT भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के बाद 40 अंकों का इंटरव्यू भी आयोजित किया जाएगा, जैसा कि पहले की व्यवस्था में होता था।
जहां एक ओर अधिकांश विषयों के पाठ्यक्रम में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया है, वहीं संस्कृत विषय के अभ्यर्थियों के लिए कुछ चौंकाने वाले संशोधन किए गए हैं। पीजीटी संस्कृत में अब वैदिक साहित्य के कुछ नए हिस्सों को जगह दी गई है।
वहीं, टीजीटी संस्कृत के सिलेबस से 'मेघदूतम्' और 'नीति शतकम' जैसे लोकप्रिय पाठों को हटा दिया गया है। इनके स्थान पर अब अभ्यर्थियों को 'हितोपदेश', 'रघुवंश महाकाव्य' का द्वितीय सर्ग और 'साहित्य दर्पण' के प्रथम परिच्छेद का अध्ययन करना होगा।
भले ही सामान्य अध्ययन को अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन आयोग ने अभी इसका विस्तृत सिलेबस जारी नहीं किया है। बताया जा रहा है कि आगामी बैठक के बाद जीएस का सिलेबस अलग से आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही, अलग-अलग विषयों की समकक्ष डिग्रियों के विवाद को सुलझाने के लिए आयोग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है।
एक तरफ जहां नए सिलेबस ने हलचल मचा दी है, वहीं दूसरी ओर प्रतियोगी छात्र नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर भी लामबंद हो रहे हैं। छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न विभागों में खाली पड़े लगभग एक लाख से अधिक पदों पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है।
शिक्षक भर्ती से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें, क्योंकि अब तैयारी का तरीका पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि नई व्यवस्था के अनुसार होना चाहिए।