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यूपी में बंपर सरकारी नौकरी: 13,116 पंचायत सचिवों की होगी सीधी भर्ती, तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

UP Govt Job Vacancy Latest Update: उत्तर प्रदेश में 13,116 पंचायत सचिवों की बंपर भर्ती होगी। पंचायती राज विभाग इसे तीन चरणों में पूरा करेगा, जिससे गांवों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा।

अनन्या तिवारी

UP Panchayat Secretary Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का एक बेहद शानदार मौका सामने आने वाला है। प्रदेश सरकार राज्य में बड़े पैमाने पर 13,116 पंचायत सचिवों की भर्ती करने की तैयारी में है। पंचायती राज विभाग इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को तीन अलग-अलग चरणों में पूरा करेगा। इस बड़े कदम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

तीन चरणों में ऐसे बंटेगी भर्ती प्रक्रिया

विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस भर्ती अभियान के पहले चरण में कुल 4,372 पंचायत सचिवों की नियुक्तियां की जाएंगी। इसके बाद बाकी बचे दो चरणों में भी ठीक इतनी ही बराबर-बराबर संख्या में सचिवों की भर्तियां की जाएंगी। इस पूरी प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद उत्तर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपना एक स्वतंत्र और परमानेंट सचिव मिल जाएगा।

बड़े स्तर पर मिली सैद्धांतिक मंजूरी

इस ऐतिहासिक भर्ती के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली स्टेट एग्जीक्यूटिव कमेटी के सामने प्रस्ताव रखा गया था। कमेटी की बैठक में पंचायती राज विभाग के साथ-साथ वित्त विभाग और ग्राम्य विकास विभाग ने भी इस पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसके बाद भविष्य में हर ग्राम पंचायत में एक सचिव की तैनाती के इस खास प्रस्ताव को शासन की तरफ से भी मंजूरी मिल चुकी है।

पंचायती राज विभाग के ताजा दस्तावेजों की मानें तो उत्तर प्रदेश में कुल मिलाकर करीब 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से लगभग 42 हजार ग्राम पंचायतों में इस समय पंचायत सचिव के पद खाली पड़े हैं। यही वजह है कि वर्तमान में कार्यरत ग्राम पंचायत अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों और मौजूदा पंचायत सचिवों के पास कई-कई ग्राम पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार है।

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नई भर्तियों से चमकेगी गांवों की तकदीर

इस कमी को दूर करने के लिए पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार की ओर से मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी के फैसलों और कार्यवृत्त को जारी कर दिया गया है। नई भर्तियों के आने के बाद अफसरों पर से काम का अतिरिक्त बोझ तो कम होगा ही, साथ ही सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में काफी मदद मिलेगी।

सरकार की इस योजना का सीधा मकसद ग्रामीणों को राहत पहुँचाना है, ताकि उनके ज्यादातर काम ग्राम पंचायत स्तर पर ही निपटाए जा सकें। गाँव के लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान या प्रशासनिक कामों के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। नए सचिवों की तैनाती से ग्रामीणों की हर जिज्ञासा और शिकायत का निपटारा उनके अपने ही गाँव में आसानी से संभव हो सकेगा।

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