Indira Gandhi Scholarship : उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 'पोस्ट ग्रेजुएट इंदिरा गांधी स्कॉलरशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड' योजना संचालित की जा रही है।
इस योजना के तहत उन छात्राओं को वित्तीय सहायता दी जाती है जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में नियमित रूप से स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रही हैं।
योजना का उद्देश्य छात्राओं को आर्थिक चिंताओं से मुक्त रखते हुए उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। हर वर्ष हजारों छात्राएं इस योजना का लाभ उठाती हैं और अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाती हैं।
इस स्कॉलरशिप के तहत चयनित छात्राओं को प्रति वर्ष 36,200 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता लगातार दो वर्षों तक मिलती है, जिससे कुल 72,400 रुपये की राशि लाभार्थी को प्राप्त होती है। यह धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे छात्रा के आधार लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें परिवार की वार्षिक आय को लेकर कोई शर्त निर्धारित नहीं की गई है। यानी पात्रता पूरी करने वाली छात्राएं आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना आवेदन कर सकती हैं। प्रत्येक वर्ष लगभग 3,000 नई छात्राओं को इस छात्रवृत्ति के लिए चुना जाता है।
योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का अपने माता-पिता की इकलौती संतान होना आवश्यक है। जिन परिवारों में केवल बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है, वे भी पात्र माने जाते हैं। इसके अलावा जुड़वां बेटियां भी आवेदन कर सकती हैं।
आवेदन के समय छात्रा की आयु 30 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए और वह किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज में नियमित एवं पूर्णकालिक गैर-व्यावसायिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम जैसे एमए, एमएससी या एमकॉम के प्रथम वर्ष में अध्ययनरत हो।
इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ जैसे प्रोफेशनल कोर्स तथा डिस्टेंस एजुकेशन या ओपन लर्निंग से पढ़ाई करने वाली छात्राएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इच्छुक उम्मीदवार राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।