राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) (फोटो - गूगल इमेज)
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UGC NET के गलत सवालों को चैलेंज करने के लिए 2800 रुपये कहां से लाएं? NTA पर फिर उठे सवाल

UGC NET Challenge Fee : UGC NET 2026 की आंसर की में गलतियों के आरोपों के बीच अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। एक से ज्यादा सवालों पर आपत्ति के लिए फीस देने को लेकर NTA पर सवाल उठ रहे हैं।

हितेश तिवारी

NTA Controversy : UGC NET 2026 की आंसर की को लेकर विवाद एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से जारी प्रोविजनल आंसर की में कई सवालों के जवाब पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि किसी सवाल के उत्तर को चुनौती देने के लिए उम्मीदवारों को प्रति प्रश्न 200 रुपये की फीस देनी पड़ रही है।

ऐसे में अगर किसी अभ्यर्थी को कई सवालों पर आपत्ति दर्ज करनी हो तो कुल खर्च हजारों रुपये तक पहुंच सकता है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, कई सवालों को चुनौती देने वाले उम्मीदवारों के सामने करीब 2,800 रुपये तक खर्च करने की स्थिति बन रही है।

गलत सवालों पर 2800 रुपये की फीस से अभ्यर्थी परेशान

अभ्यर्थियों का सवाल है कि अगर गलती परीक्षा एजेंसी या प्रश्नपत्र में है, तो उसका आर्थिक बोझ उम्मीदवारों पर क्यों पड़े? UGC NET के उम्मीदवारों के लिए एक-एक अंक बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि स्कोर के आधार पर उनकी पात्रता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में गलत प्रश्न या उत्तर मिलने पर उसे चुनौती देना जरूरी हो जाता है।

लेकिन कई सवालों पर आपत्ति दर्ज करने के लिए बड़ी रकम खर्च करना आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों के लिए मुश्किल हो सकता है। सोशल मीडिया पर अभ्यर्थी इसी फीस को लेकर NTA की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, NTA की चुनौती प्रक्रिया के तहत वैध आपत्तियों की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है और अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की जाती है।

फीस देने को लेकर NTA पर उठ रहे सवाल

वहीं, UGC NET को लेकर इस बार विवाद सिर्फ आंसर की तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर में गंभीर गड़बड़ियों को स्वीकार करने के बाद इन तीन विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। रिपोर्टों के अनुसार, समाजशास्त्र के पेपर में 150 में से 67 सवाल पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से हूबहू मिलने समेत कई खामियां सामने आई थीं।

इन तीन विषयों की री-एग्जाम प्रक्रिया के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। ऐसे में अब अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली गलतियों का खामियाजा छात्रों को आर्थिक और मानसिक रूप से नहीं भुगतना पड़े।

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