बैंकिंग सेक्टर में ग्रेजुएट्स को करियर का मौका
आईबीपीएस पीओ भर्तियों में 33 प्रतिशत का इजाफा
एसबीआई खोलेगा 250 नई बैंक शाखाएं
बैंक पीओ और क्लर्क के लिए जरूरी योग्यता
सरकारी बैंकों की भर्ती और चयन प्रक्रिया
Bank PO and Clerk Recruitment Process: नवंबर-दिसंबर के महीने में बैंकिंग क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित होने जा रही हैं। हर साल देश भर के लाखों युवा एक बेहतर करियर और अच्छी तरक्की की उम्मीद में इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं। बैंकिंग सेक्टर की सबसे खास बात यह है कि किसी भी विषय से ग्रेजुएट कर चुके युवा इस क्षेत्र में अपना शानदार करियर बना सकते हैं। RBI और NABARD जैसे शीर्ष सरकारी बैंकों से लेकर विभिन्न प्राइवेट बैंकों तक में नौकरी के ढेरों अवसर मौजूद हैं।
सरकारी बैंकों में नौकरियों के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जिसे हालिया आंकड़ों से आसानी से समझा जा सकता है। सरकारी बैंकों में आईबीपीएस के जरिए प्रोबेशनरी ऑफिसर के पद पर वर्ष 2025-26 में कुल 50,552 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। यह संख्या वर्ष 2024-25 के 37,860 के मुकाबले 33 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है।
वहीं अगर वर्ष 2023-24 की बात करें, तो यह संख्या 30,827 रही थी। हाल ही में एसबीआई ने भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना के बारे में सूचित किया है। बैंक अपने व्यापार का दायरा बढ़ाने के लिए देश भर में लगभग 250 नई शाखाएं खोलने जा रहा है।
बैंक में PO का मुख्य काम बैंक के रोजमर्रा के कामकाज की निगरानी करना, ग्राहकों के साथ संवाद स्थापित करना और लोन प्रक्रिया को संभालना होता है। वहीं दूसरी तरफ, क्लर्क का काम नकदी जमा और निकासी, चेक-पासबुक में प्रविष्टि, डाटा एंट्री और बैंक के रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित रखना होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि SBI अपनी भर्ती प्रक्रिया अलग से खुद आयोजित करता है, जबकि अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के सरकारी बैंकों में इन पदों पर भर्तियां मुख्य रूप से IBPS के माध्यम से की जाती हैं।
बैंक में पीओ पद पर भर्ती के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विषय से ग्रेजुएशन करने वाले भारतीय युवा आवेदन कर सकते हैं। पीओ के लिए अभ्यर्थी की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है। हालांकि, ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 3 साल और एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 5 साल की छूट प्रदान की जाती है। क्लर्क पद के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन और कंप्यूटर का ज्ञान होना जरूरी है। सामान्य वर्ग के लिए क्लर्क पद की आयु सीमा 20 से 28 वर्ष तय की गई है।
बैंक पीओ की पूरी भर्ती प्रक्रिया कुल तीन चरणों में संपन्न होती है- प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू। सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) 100 अंकों की होती है, जिसके लिए उम्मीदवारों को 60 मिनट का समय दिया जाता है। इसमें अंग्रेजी भाषा के 30, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड के 35 और रीजनिंग के 35 सवाल पूछे जाते हैं। प्रत्येक सेक्शन को हल करने के लिए अलग से 20 मिनट का समय निर्धारित होता है।
मेन्स परीक्षा में हर सेक्शन में न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य होता है। इसके बाद कुल अंकों की वरीयता (मेरिट) के आधार पर अभ्यर्थियों को पर्सनलिटी टेस्ट और इंटरव्यू के लिए चुना जाता है।
बैंक क्लर्क भर्ती के लिए उम्मीदवारों को दो मुख्य परीक्षाओं- प्रीलिम्स और मेन्स से गुजरना होता है। प्रीलिम्स परीक्षा में अंग्रेजी, न्यूमेरिक एबिलिटी और रीजनिंग से प्रश्न पूछे जाते हैं। वहीं क्लर्क मेन्स परीक्षा में अंग्रेजी, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, रीजनिंग और जनरल फाइनेंस अवेयरनेस से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। इन परीक्षाओं में गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाती है।
IBPS ने वर्ष 2027-28 की सामान्य भर्ती प्रक्रिया (CRP-XV) के तहत पीओ मेन्स परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया है। अब यह परीक्षा कुल 225 अंकों की होगी और इसे पूरा करने के लिए साढ़े तीन घंटे का समय दिया जाएगा। इसमें ऑब्जेक्टिव टेस्ट में 160 मिनट में 170 प्रश्न हल करने होंगे, जो कुल 200 अंकों के होंगे। इस ऑब्जेक्टिव टेस्ट में रीजनिंग एबिलिटी के 35 प्रश्न (40 अंक) और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड के 35 प्रश्न (30 अंक) शामिल होंगे।
परीक्षा में डिस्क्रिप्टिव टेस्ट के लिए 30 मिनट का समय तय किया गया है। इस पेपर में निबंध और Comprehension से जुड़े 25 अंकों के सवाल पूछे जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गलत उत्तर देने पर निर्धारित अंकों का एक-चौथाई हिस्सा कटेगा, जबकि बिना उत्तर दिए छोड़े गए प्रश्नों पर कोई अंक नहीं काटा जाएगा। प्रीलिम्स परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को पर्सनलिटी टेस्ट और इंटरव्यू देना होगा। हालांकि यह टेस्ट क्वालीफाइंग प्रकृति का नहीं है, लेकिन इंटरव्यू में शामिल होने के लिए इसे देना बेहद अनिवार्य है।
प्राइवेट बैंक अपने यहां युवाओं को नौकरी देने के लिए कैंपस ड्राइव, ऑनलाइन आवेदन या बैंकिंग प्रोग्राम जैसे माध्यमों का जरिया चुनते हैं। प्राइवेट बैंकों में चयन के लिए ऑनलाइन एप्टीट्यूड टेस्ट, लिखित परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित किया जाता है।
उदाहरण के तौर पर, ICICI बैंक में एंट्री लेवल मैनेजर पद के लिए दो महीने की क्लासरूम ट्रेनिंग के साथ ऑन-जॉब ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं Axis Bank में असिस्टेंट मैनेजर और ब्रांच रिलेशनशिप ऑफिसर पदों पर 12 महीने की ऑन-जॉब ट्रेनिंग दी जाती है। ग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, एमबीए, सीए और आईसीडब्ल्यूए डिग्रीधारक रिलेशनशिप मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर, आईटी ऑफिसर और ब्रांच मैनेजर जैसे पदों पर अपना करियर शुरू कर सकते हैं।
बैंकिंग परीक्षा की तैयारी कराने वाले विशेषज्ञ कार्तिक शर्मा के अनुसार, आईबीपीएस क्लर्क और एसबीआई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कम से कम छह महीने पहले शुरू कर देनी चाहिए। वहीं आरबीआई ग्रेड बी जैसी कठिन परीक्षा के लिए दो से तीन साल का समय देना बेहतर माना जाता है। पहली बार परीक्षा देने जा रहे युवाओं के लिए सबसे पहले सिलेबस और परीक्षा के सटीक फॉर्मेट को समझना बेहद जरूरी है। मुख्य रूप से क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, मैथ्स, इंग्लिश, रीजनिंग और जनरल अवेयरनेस विषय पर पकड़ बनानी चाहिए।
जनरल अवेयरनेस की बेहतर तैयारी के लिए पिछले छह महीने के करंट अफेयर्स ध्यान से पढ़ें। इसके अलावा केंद्रीय बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और डिजिटल बैंकिंग पर विशेष ध्यान दें। किसी भी विषय में सटीकता 80 प्रतिशत से कम हो तो मजबूत विषय के अध्ययन का अभ्यास समय 30 मिनट घटाकर कमजोर विषय को अधिक समय देना चाहिए।
विशेषज्ञ कार्तिक शर्मा बताते हैं कि आईबीपीएस और एसबीआई पीओ का सिलेबस लगभग समान होता है, हालांकि एसबीआई पीओ का स्तर थोड़ा कठिन होता है। शुरुआत में कैलकुलेशन की गति बढ़ाने और कॉन्सेप्ट मजबूत करने पर ध्यान दें।
SBI पीओ/क्लर्क: किसी भी विषय से ग्रेजुएट युवा इसके लिए आवेदन के पात्र हैं।
IBPS पीओ/क्लर्क: इसके जरिए 11 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भर्तियां की जाती हैं।
IBPS RRB: क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में अधिकारियों और कार्यालय में क्लर्क की भर्ती के लिए यह परीक्षा होती है। 18 से 40 वर्ष तक के अभ्यर्थी इसमें शामिल हो सकते हैं।
RBI ग्रेड बी: इसके जरिए रिजर्व बैंक में ग्रेड बी अधिकारी (जनरल, DIPR और DSIM) के पदों पर सीधी भर्ती होती है।
NABARD ग्रेड ए/बी: नाबार्ड इन परीक्षाओं के जरिए ग्रामीण विकास बैंकिंग सेवा में अधिकारियों की भर्ती करता है। ग्रेड के अनुसार आयु सीमा अलग-अलग होती है। अभ्यर्थियों को संबंधित बैंकों की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नियम व अपडेट देखते रहना चाहिए।