वैकल्पिक मेडिकल कोर्स (सौ. सोशल मीडिया) 
करियर

इन वैकल्पिक मेडिकल कोर्सेस से कमा सकते हैं लाखों, दुनियाभर में बढ़ रही डिमांड

High salary career options: मेडिकल के क्षेत्र में सिर्फ एमबीबीएस और बीडीएस के अलावा भी कई प्रोफेशनल कोर्स हैं जिसकी डिमांड दुनियाभर में काफी बढ़ रही है। इन कोर्स से अच्छी नौकरी सुनिश्चित हो सकती है।

प्रीति शर्मा

Medical Courses: भारत में अक्सर लोग 12वीं के बाद मेडिकल कोर्स के MBBS या BDS को चुनते हैं। ज्यादातर लोग मेडिकल के पारंपरिक डिग्री को ही अपनाना पसंद करते हैं। लेकिन इसके अलावा भी मेडिकल में कई कोर्स हैं जो करियर के लिए एक बढ़िया ऑप्शन बन सकते हैं। हेल्थकेयर में बदलाव और अच्छी नौकरी पाने के लिए इन मेडिकल कोर्सेस के बारे में जानना जरूरी है। आज हम आपको कुछ ऐसी ही कोर्सेस के बारे में बताएंगे जिसमें लाखों कमाने का मौका मिल सकता है।

हर साल लाखों छात्र एमबीबीएस और बीडीएस सीटों की हाई कटऑफ के लिए लड़ाई लड़ते हैं। लेकिन कई बार रिजल्स हर छात्र के पक्ष में नहीं आता है। ऐसे में उन्हें लगता है कि उनका पूरा करियर खत्म हो गया है। ऐसे में आप मेडिकल के वैकल्पिक कोर्सेस का चुनाव कर सकते हैं। इन कोर्सेस में अच्छी कमाई होती है जो बेहतर जीवन के अवसर खोलते हैं।

आयुर्वेद

आयुष कोर्सेस में पांच तरह के मेडिकल कोर्स आते हैं। जिसमें आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी, नेचुरोपैथी या यौगिक विज्ञान शामिल है। ये चिकित्सा पद्धति सदियों से भारत में चली आ रही है। इन्हें अब वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिल चुकी है। आर्युवेद के लिए बीएएमएस, होम्योपैथ के लिए बीएचएमएस, यूनानी के लिए बीयूएमएस कोर्स कर सकते हैं। इसकी प्रैक्टिस के लिए लाइसेंस भी मिलता है।

फिजियोथेरेपी

मरीजों को हेल्थ कंडीशन की पूरी तरह रिकवरी के लिए फिजियोथेरेपिस्ट की जरूर होती है। सर्जरी वाले मरीजों से लेकर स्पोर्ट्स एथलीट तक में इनकी डिमांड रहती है। फिजियोथेरेपी कोर्स करके करियर में कई संभावनाएं मिल सकती हैं।

फार्मेसी

फार्मेसी को मॉडर्न मेडिसिन की नींव भी माना जाता है जिसकी डिग्री आपको दवा कंपनियों में काम करने के लिए तैयार करती है। यह रिसर्च इंस्टीट्यूशंस में भी मौके देती है। इसके अलावा आप अपनी दुकान भी खोल सकते हैं। इस क्षेत्र में फिलहाल असीम संभावनाएं हैं।

पैरामेडिकल

नर्सिंग स्वास्थ्य सेवाओं का आधार है जिसके भरोसे पूरी हेल्थकेयर इंडस्ट्री चलती है। इस प्रोफेशन में दुनियाभर में कई मौके हैं। लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी और इमरजेंसी सर्विसेज इसके अंतर्गत आते हैं।

बोलने में असमर्थ बच्चों, विकलांगों, विकास संबंधी समस्याओं वाले व्यक्तियों के लिए ऑक्यूपेशनल थेरेपी एंड स्पीच थेरेपी की जरूरत पड़ती है। इसके लिए निजी प्रैक्टिस में काम के अवसर मिलते हैं।

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