प्रतीकात्मक तस्वीर 
बिज़नेस

Income Tax Return फाइल करना क्यों जरूरी? जान लें ये 10 फायदें; बदल जाएगी आपकी सोच

Income Tax Return: सरकार के द्वारा हर साल बजट में इनकम टैक्स की स्लैब का भी ऐलान होता है। इसलिए जो लोग आयकर विभाग के अंतर्गत टैक्स देने योग्य कैटेगरी में आते हैं, उन्हें रिटर्न दाखिल करना जरूरी होता है।

मनोज आर्या

नई दिल्ली: भारत में इनकम टैक्स रिटर्न को लेकर कई अलग-अलग धारणाएं हैं। लोगों के मन में यह सवाल होता है कि आईटी रिटर्न फाइल करना क्यों जरूरी होता है। फाइनेंशियल एडवाइजर अक्सर उन लोगों को भी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की सुझाव देते हैं जो टैक्स सिस्टम के अंदर नहीं आते हैं। क्या आपके मन में भी कुछ ऐसा ही सवाल है? तो आज हम आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के ऐसे 10 फायदें के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें जानने के बाद यदि आप भी टैक्स सिस्टम के अंदर नहीं आते हैं फिर भी आईटीआर फाइल करना नहीं भुलेंगे।

1. कानूनी कार्रवाई से छूट

सरकार के द्वारा हर साल बजट में इनकम टैक्स की स्लैब का भी ऐलान होता है। इसलिए जो लोग आयकर विभाग के अंतर्गत टैक्स देने योग्य कैटेगरी में आते हैं, उन्हें रिटर्न दाखिल करना जरूरी होता है। यदि ऐसे लोग इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ आयकर विभाग द्वारा एक्शन ली जा सकती है और उन्हें परेशानी की सामना करना पड़ सकता है।

2. टैक्स रिफंड का फायदा

कई बार वित्त वर्ष के दौरान ज्यादा टैक्स की कटौती कर ली जाती है। उदाहरण के लिए किसी कंपनी द्वारा कर्मचारियों की सैलरी क्रेडिट करते समय टीडीएस काट लेना। यदि आपने अपनी इनकम के अनुसार टैक्स दायित्व से ज्यादा टैक्स का भुगतान कर दिया है तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद जो भी अधिकर चार्ज होता हौ उसके रिफंड के रूप में प्राप्त किया जा सकता है।

3. फाइनेंशियल रिकॉर्ड रखने में मदद

बता दें कि इनकम टैक्स रिटर्न आपके वित्तीय रिकॉर्ड को रखने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही भविष्य में कभी आईटीआर जांच होती है तो उसमें भी यह आपका बचाव कर सकता है।

4. वीजा प्रोसेसिंग में आसानी

यदि आप वीजा के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो उसके लिए इनकम टैक्स रिटर्न काम आ सकता है। कई देशों के दूतावास में भी पिछले दो से तीन साल के आईटीआर की रसीदों की मांग की जाती है। इसके आधार पर वित्तीय स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की जाती है।

5. बैंक लोन के लिए जरूरी

यदि आप भविष्य में किसी भी प्रकार के लोन लेना चाहते हैं तो भी आपके लिए आईटीआर मांगा जा सकता है। इसके जरिये वित्तीय संस्थानों के द्वारा यह देखा जाता है कि आवेदक की वित्तीय स्थिति कैसी है। वह टैक्स पे करता है या नहीं। लोन लेने के लिए भी कम से कम दो तीन साल के आईटीआर की मांग की जा सकती है।

6. मजबूत क्रेडिट स्कोर के लिए जरूरी

आप समय पर आईटीआर फाइल करके अपने क्रेडिट स्कोर को भी मजबूत कर सकते हैं। इससे यह प्रदर्शित होता है कि आप एक जिम्मेदार टैक्सपेयर हैं।

7. निवेश के साथ ही बीमा के लिए भी हो सकता है जरूरी

कई बार बड़ी बीमा पॉलिसी लेते समय भी इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारियां मांगी जा सकती है। इसके अलावा म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार आदि में निवेश करने के लिए भी आईटीआर की आवश्यकता पड़ सकती है।

8. घाटे को आगे बढ़ाना

यदि आपको अपने बिजनेस में पूंजीगत लाभ होता है तो भी आईटीआर दाखिल किया जा सकता है। इससे नुकसान को आगे लिए समायोजित किया जा सकता है।

9. सरकारी लाभों के लिए है जरूरी

कई बार सरकारी योजना और सब्सिडी का लाभ लेने के लिए भी इनकम टैक्स रिटर्न की आवश्यकता हो सकती है। बिजनेस सेक्टर की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

10. बिजनेस लोन में जरूरी

कई बार बड़ी बिजनेस डील, बिजनेस लोन, टेंडर हासिल के लिए भी आईटीआर की जरूरत पड़ सकती है।

अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि: अजातशत्रु की याद में भावुक हुआ देश, पीएम मोदी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

यूपी से उत्तराखंड तक मूसलाधार बारिश का साया, IMD ने जारी किया अलर्ट, 65 km/h की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बीरभूम में हड़कंप! घर के ऑफिस में मिला TMC विधायक आशीष बनर्जी का शव, जांच में जुटी पुलिस

सरकार गिराने के लिए काले जादू का सहारा! शिवमोगा के मंदिर में क्या हुआ कि CM रेवंत रेड्डी ने BRS पर लगाए आरोप