अनिल अग्रवाल, (चेयरमैन, वेदांता ग्रुप) 
बिज़नेस

कितने हजार करोड़ के मालिक हैं अनिल अग्रवाल? कबाड़ के धंधे से शुरू किया सफर, आज कई देशों में कारोबार

Anil Agarwal: 1976 में अग्रवाल ने शमशेर स्टर्लिंग केबल कंपनी को खरीदा। धंधा नहीं चला तो उनके पास कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं बचे। इसके बाद उन्होंने 9 अलग-अलग बिजनेस शुरू किए।

मनोज आर्या

Vedanta Group Chairman Anil Agarwal Networth: दिग्गज कारोबारी और भारत के टॉप अमीरों की लिस्ट में शामिल शामिल अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनका अमेरिका में स्कीइंग के दौरान एक्सीडेंट हो गया था। अग्निवेश का एक अस्पताल में इलाज चल रहा था और इसी दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से अनिल अग्रवाल बुरी तरह टूट गए हैं। 'मेटल किंग' के नाम से मशहूर बिहार में जन्मे अनिल अग्रवाल ने कड़ी मेहनत के दम पर बड़ा मुकाम हासिल किया और आज उनकी गिनती देश के टॉप रईसों में होती है।

अनिल अग्रवाल का जन्म बिहार के एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था और उन्हें बिहार का सबसे बड़ा रईस माना जाता है। उन्होंने 20 साल की उम्र में ही बिहार छोड़ दिया था और खाली हाथ मुंबई आ गए थे। उनके पास उस समय केवल एक टिफिन बॉक्स था। मुंबई आकर उन्होंने जमकर मेहनत की। साल 1970 में उन्होंने कबाड़ के धंधे से अपने कारोबारी करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपनी पहली कंपनी की स्थापना की, जिससे उन्हें अच्छी-खासी कमाई हुई।

कर्मचारियों के सैलरी तक के नहीं थे पैसे

साल 1976 में अग्रवाल ने शमशेर स्टर्लिंग केबल कंपनी को खरीदा। लेकिन बाद में धंधा नहीं चला तो उनके पास कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं बचे। इसके बाद अनिल अग्रवाल ने 9 अलग-अलग बिजनस शुरू किये, लेकिन सभी फेल हो गए। उन्होंने अपने शुरुआती 20-30 साल संघर्ष में बिताए। कैंब्रिज में अपने एक संबोधन में अग्रवाल ने बताया था कि वह कई साल तक डिप्रेशन में रहे थे। वे लगातार कोशिश करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली।

स्टरलाइट इंडस्ट्रीज ने बदली किस्मत

इसके बाद साल 1986 में भारत सरकार ने टेलीफोन केबल बनाने के लिए प्राइवेट सेक्टर को मंजूरी दे दी। इससे पहले 1980 में अग्रवाल ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को खरीद लिया था। साल 1990 में अग्रवाल ने कॉपर रिफाइंड का काम शुरू किया। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज देश की पहली ऐसी प्राइवेट कंपनी थी, जो कॉपर रिफाइन करने का काम करती थी।

अनिल अग्रवाल की कुल नेटवर्थ

इसके बाद अनिल अग्रवाल लगातार सफलता की नई कहानी लिखते चले गए। वेदांता रिसोर्सेज एक नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी है जिसकी दुनियाभर में मौजूदगी है। यह मिनरल्स, ऑयल एंड गैस को निकालती है और प्रोसेस करती है। कंपनी के करीब 64 हजार कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर्स हैं। मुख्य रूप से यह कंपनी भारत, अफ्रीका, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में है। दुनियाभर में कंपनी के प्रोडक्ट्स बिकते हैं। फोर्ब्स के मुताबिक अनिल अग्रवाल को नेटवर्थ करीब 3 अरब डॉलर यानी करीब 27,000 करोड़ रुपये है और वह भारत के टॉप 100 अमीरों में शामिल हैं।

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