Anil Agarwal Family: देश के दिग्गज उद्योगपति और बिहार के सबसे बड़े रईस वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को नए साल में बड़ा झटका लगा है। उनके इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया है। 49 साल के अग्निवेश स्कीइंग के दौरान हादसे का शिकार हो गए थे और उनका एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। इस दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से अग्रवाल परिवार बुरी तरह टूट गया है। अब सवाल यह है कि अग्निवेश के निधन के बाद वेदांता ग्रुप की अरबों डॉलर की विरासत को कौन संभालेगा?
वेदांता का मार्केट कैप करीब 2.33 लाख करोड़ रुपये का है। वेदांता का बिजनेस भारत के बाहर भी कई देशों में फैला हुआ है। वेदांता ग्रुप की सहायक कंपनी में हिंदुस्तान जिंक, भारत एल्युमिनियम कंपनी, केयर्न ऑयल एंड गैस और ईएसएल स्टील शामिल हैं। इसका बिजनेस पावर, आयरन ओर, कॉपर और ऑयल एंड गैस में फैला है। ग्रुप ने अपनी बिजनेस पांच कंपनियों में डिमर्ज करने की घोषणा की है। हाल में चांदी की कीमत में भारी उछाल आने से हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में काफी तेजी आई है। यह कंपनी दुनिया में चांदी के पांच सबसे बड़े उत्पादकों में शामिल है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावुक पोस्ट करते हुए अनिल अग्रवाल ने अपने दिवंगत बेटे अग्निवेश अग्रवाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने Fujeirah Gold जैसी शानदार कंपनी खड़ी की और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी बने। उन्होंने कहा कि मैंने अग्निवेश से वादा किया था कि हमारे पास जितना भी धन आएगा, उसका 75% से ज्यादा समाज के काम में लगाएंगे। आज फिर वो वादा दोहराता हूं। अब और भी सादगी से जीवन जीऊंगा। और अपनी बाकी जिंदगी इसी में लगा दूंगा।
अनिल अग्रवाल की पत्नी किरण अग्रवाल सुर्खियों से दूर रहती हैं। इस दंपत्ति के दो बच्चे थे। बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अलावा उनकी एक बेटी प्रिया अग्रवाल भी है। प्रिया अग्रवाल वेदांता और हिंदुस्तान जिंक के बोर्ड में शामिल हैं। वह हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन और वेदांता में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। सुर्खियों से दूर रहने वाली प्रिया अग्रवाल की बिजनेस में मजबूत पकड़ मानी जाती है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में उन्हें वेदांता में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
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अनिल अग्रवाल का जन्म बिहार के एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था और उन्हें बिहार का सबसे बड़ा रईस माना जाता है। उन्होंने मात्र 20 साल की उम्र में बिहार छोड़ दिया था और खाली हाथ मुंबई आ गए थे। मुंबई आकर उन्होंने जमकर मेहनत की और वह देश के टॉप 100 अमीरों की लिस्ट में शामिल हैं। इस ग्रुप का बिजनेस भारत के बाहर भी कई देशों में फैला है।