जन्मदिन विशेष: बिहार से खाली हाथ आए मुंबई, कबाड़ के काम से की शुरुआत, फिर खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी

Anil Agarwal Birth Anniversary: अनिल अग्रवाल बिहार के पटना के रहने वाले हैं। उन्होंने केवल 20 साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया था और खाली हाथ मुंबई आ गए थे। उनके पास उस समय केवल एक टिफिन बॉक्स था।
बिहार से खाली हाथ आए थे मुंबई, 9 बिजनेस फेल होने के बाद भी अनिल अग्रवाल ने खड़ी कर दी करोड़ों कंपनी
अनिल अग्रवाल, (संस्थापक, वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड)
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नवभारत डेस्क: देश के मशहूर कारोबारी और वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल का आज जन्मदिन है। 24 जनवरी, 1954 को बिहार के पटना में उनका जन्म हुआ था। सोशल मीडिया पर आपने उनको काफी देखा होगा। एक बिहारी सौ पर भारी वाली कहावत इन पर सटीक बैठती है। इनकी सफलता की कहानी काफी प्रेरणादायी है। वेदांता से पहले अग्रवाल ने 9 बिजनेस शुरू किये थे। लेकिन सभी फेल हो गए। इसके बाद उन्होंने वेदांता रिसोर्सेज की स्थापना की और आज यह हजारों करोड़ की कंपनी है। अनिल अग्रवाल देश के सबसे सफल कारोबारियों में से एक माने जाते हैं। खास बात यह है कि अग्रवाल कभी कॉलेज नहीं गए।

अनिल अग्रवाल बिहारी में पटना के रहने वाले हैं। उन्होंने काफी कम उम्र (20 साल) में बिहार छोड़ दिया था और खाली हाथ मुंबई आ गए थे। उनके पास उस समय केवल एक टिफिन बॉक्स था। मुंबई में आकर उन्होंने पहली बार पीली टैक्सी और डबल डेकर बस देखी थी। यहां उन्होंने जमकर मेहनत की। साल 1970 में उन्होंने कबाड़ के धंधे से अपने कारोबारी करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपनी पहली कंपनी की स्थापना की, जिससे उन्हें अच्छी-खासी कमाई हुई।

9 बिजनेस फेल होने के बाद 10वीं में मिली सफलता

इसके बाद साल 1976 में अग्रवाल ने शमशेर स्टर्लिंग केबल कंपनी को खरीदा। लेकिन बाद में धंधा नहीं चला तो उनके पास कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं बचे। इसके बाद अनिल अग्रवाल ने 9 अलग-अलग बिजनस शुरू किये, लेकिन सभी फेल हो गए। अग्रवाल कहते हैं कि उन्होंने अपने शुरुआती 20-30 साल संघर्ष में बिताए। कैंब्रिज में अपने एक संबोधन में अग्रवाल ने बताया था कि वे वर्षों तक डिप्रेशन में रहे थे। वे लगातार कोशिश करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली।

1990 में शुरू किए थे कॉपर रिफाइंड का काम

इसके बाद साल 1986 में भारत सरकार ने टेलीफोन केबल बनाने के लिए प्राइवेट सेक्टर को मंजूरी दे दी। इससे पहले 1980 में अग्रवाल ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को खरीद लिया था। इसके बाद साल 1990 में अग्रवाल ने कॉपर रिफाइंड का काम शुरू किया। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज देश की पहली ऐसी प्राइवेट कंपनी थी, जो कॉपर रिफाइन करने का काम करती थी। इसके बाद अग्रवाल लगातार सफलता की नई कहानी लिखते चले गए। बिजनेस सेक्टर से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 

दुनियाभर में बिकता है कंपनी का प्रोडक्ट

वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड एक नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी है। दुनियाभर में इसकी उपस्थिति है। यह मिनरल्स, ऑयल एंड गैस को निकालती है और प्रोसेस करती है। कंपनी के करीब 64 हजार कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर्स हैं। मुख्य रूप से यह कंपनी भारत, अफ्रिका, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में है। दुनियाभर में कंपनी का प्रोडक्ट बिकता है।

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