नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने एयर इंडिया को आधिकारिक तौर पर टाटा संस को सौंप दिया है। जिसके पश्च्यात 69 साल बाद एयर इंडिया दोबारा अपने घर आ गई है। गुरुवार को केंद्र सरकार और टाटा सांस के बीच हुई बैठक में एयर इंडिया को सौंपा गया। इसके पहले टाटा के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने ख़ुशी जताते हुए कहा कि, "हम एयर इंडिया को वर्ल्ड क्लास एयरलाइन्स बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एयर इंडिया की घर वापसी को लेकर टाटा संस के अध्यक्ष ने कहा, "हम पूरी तरह से खुश हैं कि यह प्रक्रिया पूरी हो गई है और एयर इंडिया को टाटा समूह में वापस पाकर खुशी हो रही है। हम एक विश्व स्तरीय एयरलाइन बनाने के लिए सभी के साथ चलने के लिए उत्सुक हैं।"
वहीं टाटा ग्रुप ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि, "टाटा समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुधारों को लेकर प्रतिबद्धता और भारत की उद्यमी भावना में भरोसे से पूरी तरह वाकिफ है।"
निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग सचिव ने कहा कि, " एयर इंडिया में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा की कंपनी टैलेस प्राइवेट लि. को हस्तांतरित करने के साथ एयरलाइन का रणनीतिक विनिवेश आज सफलतापूर्वक पूरा हुआ।"
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एयर इंडिया को पुनः अपने बेड़े में शामिल करने से पहले टाटा संस के प्रमुख एन चंद्रशेखरन ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। यह मुलाकात टाटा समूह द्वारा एअर इंडिया एक्सप्रेस का आधिकारिक रूप से अधिग्रहण किए जाने से पहले हुई। बाद में चंद्रशेखरन ने एअर इंडिया के मुख्यालय का दौरा भी किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के हवाले से मोदी और चंद्रशेखरन की मुलाकात की एक तस्वीर ट्विटर पर साझा की गई और कहा गया, ‘‘टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।''
टाटा समूह ने पिछले साल अक्टूबर में एअर इंडिया एक्सप्रेस के साथ एअर इंडिया और एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बोली लगाई थी। गौरतलब है कि टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड ने आठ अक्टूबर, 2021 को कर्ज में डूबी एअर इंडिया के अधिग्रहण के लिए 18,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी।