Nifty 50 Share Price Today: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोर वैश्विक संकेतों और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 707 अंक टूटकर 74,192 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 238 अंक फिसलकर 23,238 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव मेटल, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बना, जबकि आईटी सेक्टर में सीमित खरीदारी देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेंट क्रूड के 108 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 868 अंक 1.40% गिरकर 61,488 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 284 अंक (1.33%) लुढ़ककर 19,756 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, आईटीसी, भारती एयरटेल, टीसीएस और अदाणी पोर्ट्स के शेयर मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे।
बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, इटरनल, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
ज्यादातर वैश्विक बाजारों में लाल निशान में कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे।
अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसमें डाओ जोन्स 0.60 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और नैस्डैक 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
जानकारों ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण मार्केट के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
अगर यह ऊंची कीमत बनी रहती है या फिर और बढ़ जाती है, तो भारत की जीडीपी ग्रोथ और उसके नतीजतन कॉर्पोरेट की कमाई पर इसका असर काफी ज्यादा होगा।
एक और बड़ी मुश्किल अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। 10-साल की यील्ड, जो अभी 4.96 प्रतिशत पर है, 5 प्रतिशत के स्तर के करीब पहुंच रही है।
कई लोग इसे ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए एक अहम मोड़ मानते हैं। ग्लोबल इक्विटी मार्केट में गिरावट की संभावना है, लेकिन इसका सही समय बताना मुश्किल है।