पोर्शे (सौ. सोशल मीडिया ) 
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Job Layoffs : स्पोर्ट्स कार मेकर पोर्शे में काम करने वाले कर्मचारियों को लगेगा झटका, 1900 लोगों को जाएगी नौकरी

आपको बता दें कि पूरी दुनिया में पोर्शे की डिलीवरी में 3 प्रतिशत तक की गिरावट आयी है, इसके पीछे की वजह चीन को बताया जा रहा हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जर्मनी की कई बड़ी कंपनियां चीन में अपना मार्केट खो रही है।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली : स्पोर्ट्स कार बनाने वाली दुनिया की सबसे फेमस कंपनी पोर्शे अपने कर्मचारियों को जोरदार झटका देने जा रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी आने वाले समय में अपनी कंपनी में काम करने वाले 1900 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। एएफपी की एक रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आयी है। कंपनी ने कहा है कि आने वाले कुछ सालों में जर्मनी के स्टटगार्ट में स्थित उनके हेडक्वार्टर और उसके पास के एक रिसर्च सेंटर में से कई लोगों को नौकरी पर से निकाला जा सकता है। आपको बता दें कि मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट ज्यादा होने, तगड़े कॉम्पीटिशन, डिमांड कम होने और ईवी गाड़ियों के प्रति सुस्त रुख के कारण कंपनी ने ये फैसला लिया है।

एएफपी के जर्मन डेली न्यूजपेपर स्टटगार्टर जेतुंग को दिए पोर्शे के एचआर चीफ एंड्रियास हैफनर के इंटरव्यू के हवाले से अपनी रिपोर्ट में ये कहा है कि हमें इलेक्ट्रोमोबिलिटी में हो रही देरी, चुनौतीपूर्ण जियो पॉलिटिक्स और इकोनॉमिक कंडीशन्स जैसी परेशानियों का सामना करना है। इससे ये जानकारी मिलती है कि पोर्शे इस समय कई संकटों से जूझ रहा है। हालांकि, अपने इंटरव्यू में एंड्रियास ने इस बात पर भी जोर दिया है कि कोई भी संभावित कटौती जरूरी छंटनी के जरिए नहीं होगी।

टेम्पररी कॉन्ट्रेक्ट्स को जल्द करेगी खत्म

911 स्पोर्ट्स कार मॉडल बनाने वाली कंपनी पोर्शे में पूरी दुनिया के तकरीबन 42,000 लोग काम करते हैं। कंपनी ने पिछले साल जर्मनी में अस्थिर कॉन्ट्रेक्ट्स को खत्म करके कर्मचारियों की संख्या में कटौती करना शुरू की थी, अब इस प्रोसेस को आगे बढ़ाया जाने वाला है। बिजनेस की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

चीन में हो रही कारोबार की रफ्तार धीमी

आपको बता दें कि पूरी दुनिया में पोर्शे की डिलीवरी में 3 प्रतिशत तक की गिरावट आयी है, इसके पीछे की वजह चीन को बताया जा रहा हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जर्मनी की कई बड़ी कंपनियां चीन में अपना मार्केट खो रही है। पोर्शे की चीन में की जाने वाली डिलीवरी के आंकड़े में 28 प्रतिशत तक की कमी आयी है। इसकी मुख्य वजह चीनी कंपनियों से कड़ा मुकाबला है, खास तौर पर जब बात इलेक्ट्रिक व्हीकल की आती है। इलेक्ट्रिक शिफ्ट में भारी इंवेस्टमेंट के बाद भी उन्हें इस दिशा में कम ही चेंजेस की उम्मीद की जा रही है। पोर्शे ने पिछले हफ्ते ये कहा था कि अपना प्रॉफिट बढ़ाने के लिए कंपनी कम्बस्चन इंजन और प्लग-इन हाइब्रिड वाले मॉडल ज्यादा बनाने पर जोर दे रही है।

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