शेयर मार्केट, (डिजाइन फोटो/नवभारत) 
बिज़नेस

Stock Market Outlook: कमाई का मौका या बड़ा खतरा? अगले हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार, ये फैक्टर्स तय करेंगे चाल

Share Market: मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर अमेरिका-ईरान बातचीत में कोई रुकावट आती है, तो वैश्विक वित्तीय और कमोडिटी बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है।

मनोज आर्या

Share Market Outlook: आने वाला हफ्ता शेयर बाजार के लिए काफी अहम रहने वाला है। इसमें देश और दुनिया से जुड़े कई बड़े फैक्टर सामने आएंगे, जिनमें नए बेस ईयर (2024) के साथ महंगाई के आंकड़े और भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी नई जानकारियां शामिल हैं। भारत में निवेशक 12 फरवरी को आने वाले खुदरा महंगाई (रिटेल इंफ्लेशन) के आंकड़ों पर नजर रखेंगे, जो नए बेस ईयर के साथ जारी होंगे।

इसके बाद 13 फरवरी को थोक महंगाई (डब्ल्यूपीआई) और विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) के आंकड़े आएंगे। इससे महंगाई और देश की बाहरी आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगेगा। विश्लेषकों के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील के ढांचे से जुड़ी और जानकारी भी बाजार के लिए अहम रहेगी।

तिमाही नतीजे से मार्केट में तेजी की संभावना

विशेषज्ञों ने बताया कि इस दौरान कई कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं, जिससे कुछ खास शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। दुनिया भर के निवेशक अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों और हाल ही में गिरावट झेल चुके नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत समेत वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएं भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर अमेरिका-ईरान बातचीत में कोई रुकावट आती है, तो वैश्विक वित्तीय और कमोडिटी बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। इससे अमेरिका के सैन्य हस्तक्षेप और मिडिल ईस्ट में बड़े संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का भी दिखा असर

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान के बाद ऐतिहासिक निचले स्तर से उबरकर मजबूत हुआ भारतीय रुपया और विदेशी निवेशकों (एफपीआई) की गतिविधियां आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगी। उन्होंने बताया कि यूनियन बजट 2026 और आरबीआई की मौद्रिक नीति के फैसलों का असर अब बाजार में शामिल हो चुका है। इसके बाद शेयर बाजार एक स्थिर (कंसोलिडेशन) दौर में पहुंच गया है, जहां निवेशकों का ध्यान अब योजनाओं के अमल, पूंजी खर्च और असली खर्च की रफ्तार पर रहेगा। विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल शेयर बाजार का माहौल सावधानी भरा लेकिन सकारात्मक बना हुआ है। आने वाले समय में बाजार वैश्विक संकेतों, पूंजी के प्रवाह और मिडिल ईस्ट की राजनीतिक स्थिति पर निर्भर रहेगा।

पिछले हफ्ते निफ्टी इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव

पिछले हफ्ते निफ्टी इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान निफ्टी का उच्चतम स्तर 26,341 और न्यूनतम स्तर 24,679 रहा। हफ्ते के अंत में निफ्टी 25,693.70 पर बंद हुआ और 868 अंकों की मजबूत बढ़त दर्ज की। साप्ताहिक चार्ट पर निफ्टी ने मजबूत तेजी का कैंडलस्टिक बनाया और 20-हफ्ते के ईएमए से ऊपर बंद हुआ। इससे मीडियम टर्म में बाजार का रुझान सकारात्मक दिखता है।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह ने बताया कि निफ्टी के लिए 25,800 के बाद 26,000 और 26,200 अहम रेजिस्टेंस लेवल हैं। नीचे की तरफ 25,500 और 25,200 पर सपोर्ट है। अगर निफ्टी 25,100 से नीचे फिसलता है तो गिरावट और तेज हो सकती है।

अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि: अजातशत्रु की याद में भावुक हुआ देश, पीएम मोदी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

यूपी से उत्तराखंड तक मूसलाधार बारिश का साया, IMD ने जारी किया अलर्ट, 65 km/h की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बीरभूम में हड़कंप! घर के ऑफिस में मिला TMC विधायक आशीष बनर्जी का शव, जांच में जुटी पुलिस

सरकार गिराने के लिए काले जादू का सहारा! शिवमोगा के मंदिर में क्या हुआ कि CM रेवंत रेड्डी ने BRS पर लगाए आरोप