भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बिज़नेस

Share Market Crash: ट्रंप के एक फैसले ने भारतीय बाजार में मचाई तबाही, सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूटा

Share Market Today: ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराने से ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मच गया। इसके चलते भारतीय शेयर बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिरा और निवेशकों के करोड़ों डूब गए।

अक्षय साहू

Share Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के पहले दिन काफी हलचल देखी गई। सोमवार को बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिर गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने का ऐलान किया। जिसका  सीधा असर ग्लोबल मार्केट के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ नजर आया। 

आज सुबह जैसे ही बाजार खुले, बीएसई सेंसेक्स करीब 0.89% या 830.25 अंक टूटकर 76,638.09 के लेवल पर आ गया। इससे पहले मार्केट खुलने से पहले प्री-ओपनिंग में यह गिरावट 690 अंकों पर थी। बाजार खुलते ही बिकवाली और बढ़ गई। इसी तरह निफ्टी 50 में भी 1.02 प्रतिशत या 245.50 अंकों की गिरावट देखी गई। निफ्टी में फिलहाल 23,930.65 अंकों की गिरावट है।

लार्जकैप और मिडकैप में मजबूती

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मजबूती के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 423 अंक या 0.66 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 61,487 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 84 अंक या 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,623 पर था।  सेंसेक्स पैक में टाइटन, इंडिगो, इटरनल, एसबीआई, एसबीआई, एमएंडएम, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, एचयूएल, पावर ग्रिड, एक्सिस बैंक,आईटीसी, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और टीसीएस लूजर्स थे।

एशियाई बाजारों की मिली जुली शुरुआत

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो, हांगकांग और जकार्ता लाल निशान में थे। वहीं, शंघाई, बैंकॉक और सोल हरे निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को हरे निशान में बंद हुए थे। इस दौरान मुख्य सूचकांक डाओ जोंस सपाट रहा। वहीं, टेक्नोलॉजी सूचकांक नैस्डैक 1.71 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।

ट्रंप ने अस्वीकार किया ईरान का प्रस्ताव

भारत के साथ वैश्विक बाजारों के गिरने की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान का शांति प्रस्ताव स्वीकार नहीं करना है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैंने ईरानी प्रतिनिधियों के जवाब पढ़े। यह मुझे पसंद नहीं आया है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए जो शांति प्रस्ताव भेजा उसमें युद्ध समाप्त करने, होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की बात कही गई थी, लेकिन अमेरिका यूरेनियम को सौंपने जैसी मांगों पर अड़ा हुआ है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।

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