नई दिल्ली: दिसंबर की शुरुआत में महंगाई को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, नवंबर में खुदरा महंगाई घट कर 5.48 प्रतिशत पर आ गई है। पिछले महीने यानी की अक्टूबर में हरी सब्जियों और खाने-पीने की चीजें महंगी होने से खुदरा महंगाई दर 6.21 प्रतिशत पहुंच गई थी, जो कि 14 महीनों में सबसे ज्यादा था। अब खाने-पीने की चीजों के दाम में गिरावट से महंगाई में भी गिरवाट देखी जा रही है। महंगाई के बास्केट में लगभग 50 प्रतिशत योगदान खाने-पीने की चीजों का होता है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में खाने-पीने की चीजों की महंगाई घटकर 9.04 प्रतिशत रह गई। अक्टूबर में यह 10.87 प्रतिशत और नवंबर 2023 में 8.70 प्रतिशत थी। एनएसओ ने कहा कि नवंबर में 2024 में सब्जियों, दालों चीनी व मिठाईयों, फलों, अंडे, दूध, मसालों, परिवहन व संचार और व्यक्तिगत देखभाल संबंधी उत्पादों की महंगाई में गिरावट आई है।
सीपीआई आधारित कुल महंगाई जुलाई-अगस्त के दौरान औसतन 3.6 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 5.5 प्रतिशत और अक्टूबर, 2024 में 6.2 प्रतिशत हो गई। यह सितंबर, 2023 के बाद से सबसे अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए महंगाई अनुमान को पिछले सप्ताह 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.8 प्रतिशत कर दिया था। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने खाद्य कीमतों पर दबाव से दिसंबर तिमाही में कुल महंगाई के ऊंचे स्तर पर बने रहने की आशंका भी जाहिर की थी।
खुदरा महंगाई के अलावा आर्थिक लिहाज से देश के लिए एक और अच्छी खबर है। दरअसल, भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन अक्टूबर 2024 में 3.5 फीसदी बढ़ा। यह सितंबर के 3.1% से अधिक है। मैन्यूफैक्चरिंग उत्पादन में 4.1 फीसदी, बिजली उत्पादन में 2 फीसदी और खनन गतिविधि में 0.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। अप्रैल-अक्टूबर की अवधि में औद्योगिक उत्पादन में 4 फीसदी की ग्रोथ हुई। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में औद्योगिक उत्पादन 7 फीसदी बढ़ा था।