(डिजाइन फोटो)  
बिज़नेस

कोटक महिंद्रा बैंक को RBI का झटका, नियमों से खिलवाड़ पड़ा भारी, भरना होगा ₹61.95 लाख का जुर्माना

Kotak Mahindra Bank: आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई वैधानिक और नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन से नहीं है।

मनोज आर्या

RBI Action on Kotak Mahindra Bank: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कोटक महिंद्रा बैंक पर बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट्स, बिजनेस कोरसपोंडेंट्स (बीसी) द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के दायरे और क्रेडिट सूचना कंपनी नियम, 2006 (सीआईसी नियम) के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में आरबीआई द्वारा जारी कुछ निर्देशों का अनुपालन न करने के लिए 61.95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह जुर्माना बीआर अधिनियम की धारा 47ए(1)(सी) को धारा 46(4)(आई) के साथ और क्रेडिट सूचना कंपनियों (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 25(1)(iii) को धारा 23(4) के साथ मिलाकर आरबीआई को प्राप्त शक्तियों का प्रयोग कर लगाया गया है। आरबीआई द्वारा बैंक की 31 मार्च, 2024 की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु वैधानिक निरीक्षण (आईएसई 2024) किया गया।

RBI ने बैंक को जारी किया थो नोटिस

केंद्रीय बैंक ने कहा कि आरबीआई के निर्देशों, सीआईसी नियमों और संबंधित पत्राचार के प्रावधानों का अनुपालन न करने के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था जिसमें उसे यह कारण बताने को कहा गया था कि आरबीआई के निर्देशों और सीआईसी नियमों के उक्त प्रावधानों का अनुपालन न करने के लिए उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।

बैंक ने की थी ये गलती

बैंक द्वारा नोटिस के जवाब और अतिरिक्त प्रस्तुतियां पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने पाया कि बैंक ने कुछ ऐसे ग्राहकों के लिए एक और बीएसबीडी खाता खोला था जिनके पास पहले से ही बैंक में बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (बीएसबीडी) था। इसके अतिरिक्त, बैंक ने बीसी के साथ ऐसी गतिविधियों को करने के लिए एक समझौता किया है, जो बीसी द्वारा की जा सकने वाली गतिविधियों के दायरे में नहीं आती हैं। इसके अलावा, आरबीआई के कहा कि बैंक ने कुछ उधारकर्ताओं के संबंध में क्रेडिट सूचना कंपनियों (सीआईसी) को गलत जानकारी दी।

ग्राहकों पर कोई असर नहीं

आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई वैधानिक और नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई टिप्पणी करना नहीं है। इसके अलावा, मौद्रिक जुर्माना लगाने का निर्णय आरबीआई द्वारा बैंक के खिलाफ शुरू की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।

PM मोदी-ट्रंप की फोन पर बात, भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर क्या हुई चर्चा?

हवा में चाकूबाजी, तेजी से नीचे आया विमान…कौन हैं भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार? जान पर खेलकर बचाई 180 की जान

यूपी पुलिस को ही भंग कर सभी केस CBI को देने पड़ेंगे क्या? सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

कांग्रेस की एकला चलो नीति पर भड़के उद्धव ठाकरे! INDIA गठबंधन की बैठक में सुनाई खरी-खोटी, दी ये सलाह

CSR घाेटाला: महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों के 8 ठिकानों पर ED की छापेमारी, फर्जी नेटवर्क का खुलासा