प्रेस्टीज ग्रुप ( सौजन्य : ट्विटर ) 
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हॉस्पिटैलिटी पोर्टफोलियो बढ़ाने के लिए प्रेस्टीज जुटाएगी 5 हजार करोड़, जानिए क्या है प्लान

कंपनी अपने हॉस्पिटैलिटी पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर विचार कर रही है। 21 जून को कंपनी की बोर्ड मीटिंग में 5,000 करोड़ रुपये का फंड जुटाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। जिसके बाद प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स के शेयर शुक्रवार को 1.24 फीसदी गिरने के बाद 1990.70 रुपये पर बंद हुए थे।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली : रियल एस्टेट की मशहूर कंपनी प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स इन दिनों मुश्किलों में दिख रही है। कंपनी ने 5,000 करोड़ रुपये का फंड जुटाने का निर्णय लिया है। इसका फैसला कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में लिया गया है।

इसके लिए 21 जून को कंपनी की बोर्ड मीटिंग का आयोजन किया गया था। कंपनी ने फंड जुटाने से संबंधित जानकारी शेयर मार्केट को दी है, जिसमें बताया गया है कि कंपनी यह फंड शेयर या अन्य सिक्योरिटीज के जरिए जुटाने वाली है। इस फंड को कंपनी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिए जुटाने वाली है।

कंपनी के फंड जुटाने की खबर जैसे ही बाहर आयी इसका सीधा असर कंपनी के शेयरों पर होता हुआ दिखाई दिया। शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के शेयर 1.24 फीसदी गिरने के बाद 1990.70 रुपये पर बंद हुए थे। वहीं ये बोर्ड मीटिंग होने से पहले ही कंपनी के शेयरों में रिकॉर्ड बढ़त देखी गई थी। कंपनी के शेयर गुरुवार को अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। पिछले कुछ महीनों के रिकॉर्ड देखने के बाद ये पता चला है कि इन 11 महीनों में कंपनी ने 294 फीसदी का शानदार रिटर्न भी दिया था।

5,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्रयास

रियल्टी फर्म प्रेस्टीज एस्टेट्स ने प्रोजेक्ट्स क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिए 5,000 करोड़ रुपये जुटाने के बारे में विचार किया है। प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स के जरिए हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मोनेटाइज करने की कोशिश करेगा। फंड जुटाने के लिए प्रेस्टीज एस्टेट्स अपनी कंपनी के शेयरहोल्डर्स के अलावा रेगुलेटरी अथॉरिटी से भी अप्रुवल लेगी। ऐसा करने के बाद कंपनी प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों प्रकार के शेयर इश्यू करने की कोशिश कर रही है।

हॉस्पिटैलिटी पोर्टफोलियो बढ़ाने का मकसद

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो कंपनी अपने हॉस्पिटैलिटी पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसे दोगुना बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

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