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PNB में 2434 करोड़ रुपये का लोन फ्रॉड, 'फ्रॉड' घोषित किए गए श्रेय ग्रुप के खाते

SREI Equipment Finance fraud: पंजाब नेशनल बैंक ने श्रेय ग्रुप की दो प्रमुख कंपनियों के लोन खातों को धोखाधड़ी करार दिया है। बैंक ने 2,434 करोड़ रुपये से अधिक की इस गड़बड़ी के लिए 100% प्रावधान किया है।

प्रतीक पाण्डेय

Punjab National Bank fraud: देश के बैंकिंग सेक्टर में एक बार फिर बड़े कॉर्पोरेट फ्रॉड की गूंज सुनाई दे रही है। सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने श्रेय ग्रुप की संस्थाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनके लोन खातों को 'धोखाधड़ी' घोषित कर दिया है। बैंक ने यह कदम गहन फॉरेंसिक ऑडिट के बाद उठाया है।

धोखाधड़ी का गणित और पीएनबी की सख्ती पंजाब नेशनल बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग के माध्यम से बाजार को सूचित किया है कि श्रेय इक्विपमेंट फाइनेंस और श्रेय इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस के पूर्व प्रमोटरों से जुड़ी संस्थाओं में कुल 2,434 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी पाई गई है। बैंक के अनुसार, इस राशि का एक बड़ा हिस्सा, यानी 1,240.94 करोड़ रुपये श्रेय इक्विपमेंट फाइनेंस से संबंधित है, जबकि शेष 1,193.06 करोड़ रुपये श्रेय इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस के खातों से जुड़े हुए हैं। बैंक ने सुरक्षा के लिहाज से इन खातों के लिए 100 प्रतिशत का प्रावधान कर लिया है, ताकि भविष्य में वित्तीय स्थिरता पर इसका असर न पड़े।

फॉरेंसिक ऑडिट में खुली पोल, अब अदालती चुनौती

पीएनबी की यह कार्रवाई एक 'फ्रॉड फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट' के निष्कर्षों पर आधारित है। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाली अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है, जिसमें विशेष रूप से 'संबंधित पक्षों' (Related Parties) को अनुचित तरीके से लोन देना और संकटग्रस्त लोन खातों को कृत्रिम रूप से पुनर्जीवित दिखाने की कोशिशें शामिल हैं। हालांकि, श्रेय ग्रुप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए ऑडिट रिपोर्ट को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि चूंकि यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इसे फ्रॉड के रूप में वर्गीकृत करना अनुचित है।

दिवालियापन की प्रक्रिया

श्रेय ग्रुप की वित्तीय स्थिति अक्टूबर 2021 से ही खराब चल रही है, जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शासन संबंधी समस्याओं और भुगतान चूक (Default) के कारण इसके बोर्ड को भंग कर दिया था। उस समय ऋणदाताओं का कुल बकाया लगभग 32,750 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। इसके बाद, आरबीआई ने इन कंपनियों को दिवालियापन समाधान प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के पास भेज दिया था। पीएनबी से पहले बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक जैसे अन्य बड़े बैंक भी इन खातों को फ्रॉड घोषित कर चुके हैं।

NRCL का अधिग्रहण

फरवरी 2023 में, राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी (NRCL) इन कंपनियों के लिए सफल बोलीदाता के रूप में सामने आई थी। एनआरसीएल की समाधान योजना को अगस्त 2023 में एनसीएलटी से मंजूरी मिली और जनवरी 2024 तक इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया। इस बीच, पीएनबी द्वारा अब इसे फ्रॉड घोषित करना यह दर्शाता है कि समाधान प्रक्रिया के बावजूद बैंक धोखाधड़ी के जिम्मेदार लोगों को बख्शने के मूड में नहीं है।

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