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Paytm Share: UPI के नए MDR नियम से पेटीएम शेयर में जोरदार उछाल, 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचा स्टॉक

Paytm Share After MDR Charges: UPI पर 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होने के बाद पेटीएम के शेयर 7% से अधिक उछले और 52 सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गए।

करुणा नंद शाहवाल

Paytm Share Jumps After UPI Rule: UPI पर 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR लागू होने की घोषणा के बाद बुधवार को पेटीएम के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही वन 97 कम्युनिकेशंस का शेयर 7% से अधिक उछलकर 52 सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी का कहना है कि नए नियम से उसके मर्चेंट बिजनेस से अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है, जबकि ग्राहकों के लिए UPI भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा।

70 लाख शेयरों की खरीद-बिक्री, पेटीएम में शुरुआती तेजी

16 सितंबर को NSE और BSE दोने को मिलाकर 70 लाख से अधिक शेयरों के कारोबार के बीच पेटीएम के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला। हालांकि, साल के दौरान साल के उच्चतम स्तर को छूने के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से शेयर में कुछ गिरावट भी आई।

बाजार खुलने के शुरुआती कारोबार में सुबह 9:35 बजे (IST) तक पेटीएम का शेयर पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.75% की बढ़त के साथ 1,743 प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था।

UPI MDR से बढ़ेगी पेटीएम की कमाई

एनपीसीआई के सर्कुलर के बाद पेटीएम ने शेयर बाजार को बताया कि 0.40% UPI एमडीआर से उसके मर्चेंट बिजनेस को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। कंपनी के अनुसार, यह शुल्क उन व्यापारी लेनदेन पर लागू होगा जो पहले निःशुल्क थे, जबकि ग्राहकों के लिए UPI भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा।

पेटीएम ने स्पष्ट किया कि MDR का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा। वहीं, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि नया MDR ढांचा पेमेंट एग्रीगेटर्स और UPI-आधारित प्लेटफॉर्म्स के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कमाई का नया स्रोत बन सकता है, जिससे उनकी आय में संरचनात्मक बढ़ोतरी की संभावना है।

जाने MDR शुल्क क्या है?

मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह शुल्क है, जो मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम के तहत व्यापारी पर लागू होता है। यह शुल्क ग्राहकों से नहीं, बल्कि निर्धारित श्रेणी के व्यापारी लेनदेन पर लिया जाता है।

NPCI ने 15 सितंबर 2026 को घोषणा की कि 2,000 रुपये से अधिक के UPI व्यक्ति-से-व्यापारी भुगतान पर 0.40% एमडीआर लागू होगा। यह नया नियम 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।

इसका मतलब है कि P2P (व्यक्ति-से-व्यक्ति) ट्रांसफर और 2,000 रुपये तक के UPI भुगतान पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। वित्त मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

किसे करना होगा UPI शुल्क का भुगतान?

नए UPI MDR नियमों के तहत 2,000 रुपये से अधिक के व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) लेनदेन पर 0.40% MDR का भुगतान व्यापारी करेगा। ग्राहकों से किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि "MDR व्यापारी भुगतान प्रणाली के अंतर्गत लगने वाला शुल्क है। यह यूपीआई भुगतान करने वाले ग्राहकों पर लगने वाला शुल्क नहीं है।" साथ ही, UPI उपयोग करने वाले व्यक्तियों को पहले की तरह असीमित मुफ्त UPI लेनदेन की सुविधा मिलती रहेगी। इस पर न कोई मासिक सीमा होगी और न ही मुफ्त ट्रांजैक्शन की संख्या पर कोई प्रतिबंध।

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