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TDS New Rule: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे टीडीएस के नियम, FD में निवेश करने वालों को मिलेगी बड़ी राहत

TDS New Rule: आम जनता के लिए ब्याज आय पर टीडीएस सीमा 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि बैंक केवल तभी टीडीएस काटेंगे जब किसी व्यक्ति की ब्याज आय सालाना 50,000 रुपये से अधिक होगी।

मनोज आर्या

नई दिल्ली: नए वित्तीय वर्ष (2024-25) की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल, 2024 से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2024 के ज़रिए मौजूदा टैक्स सिस्टम में कई सुधार और अपडेट पेश किए हैं। इन प्रमुख बदलावों में नए सोर्स पर टैक्स कटौती (TDS) नियम शामिल हैं, जो वरिष्ठ नागरिकों, निवेशकों और कमीशन कमाने वालों को प्रभावित करेंगे। इन बदलावों का उद्देश्य व्यक्तियों पर कर का बोझ कम करना और उनकी डिस्पोजेबल आय को बढ़ाना है।

इनमें से एक बड़ा सुधार वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। 1 अप्रैल, 2025 से वरिष्ठ नागरिकों को सावधि जमा (FD), आवर्ती जमा (RD) और इसी तरह के अन्य साधनों से कमाए गए 1 लाख रुपये तक की ब्याज आय पर TDS से छूट मिलेगी। यदि किसी वित्तीय वर्ष में ब्याज आय 1 लाख रुपये से अधिक है, तो TDS काटा जाएगा। यह एक स्वागत योग्य बदलाव है, खासकर उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए जो आजीविका के मुख्य स्रोत के रूप में ब्याज आय पर निर्भर हैं।

50 हजार से अधिक आय पर ही कटेगी टीडीएस

आम जनता के लिए ब्याज आय पर टीडीएस सीमा 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि बैंक केवल तभी टीडीएस काटेंगे जब किसी व्यक्ति की ब्याज आय सालाना 50,000 रुपये से अधिक होगी, जो उन लोगों के लिए राहत प्रदान करेगा जो अपनी जमा राशि से मध्यम आय अर्जित करते  हैं। नए नियम गेमिंग जीत के लिए टीडीएस को भी सरल बनाते हैं। टीडीएस अब केवल तभी काटा जाएगा जब किसी व्यक्ति की जीत 10,000 रुपये से अधिक हो, जिससे जीत को एकत्रित करने का पिछला नियम समाप्त हो गया है। इसका मतलब यह है कि भले ही कोई व्यक्ति कई बार 8,000 रुपये जीतता हो, तब तक कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा जब तक कि उसकी कुल जीत 10,000 रुपये से अधिक न हो। बिजनेस सेक्टर की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

कमीशन कमाने वालों को भी मिलेगा लाभ

इसके अलावा, कमीशन कमाने वालों को बढ़ी हुई टीडीएस सीमा से लाभ होगा। बीमा एजेंटों के लिए सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दी गई है। म्यूचुअल फंड और इक्विटी में निवेशकों को भी उच्च लाभांश कर छूट सीमा मिलेगी, जो 5,000 रुपये से बढ़कर 10,000 रुपये हो गई है। ये बदलाव करदाताओं पर कर के बोझ को कम करने और अनुपालन को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अगले साल से प्रभावी होने वाले नए टीडीएस नियम कर प्रक्रिया को सरल बनाएंगे और व्यक्तियों को अधिक लाभ प्रदान करेंगे, जिससे यह अधिक पारदर्शी और करदाता-अनुकूल प्रणाली बन जाएगी।

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