नरेश गोयल (File Photo) 
बिज़नेस

ED ने जेट एयरवेज की 538 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्त, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

किर्तेश ढोबले

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को एयरलाइन जेट एयरवेज (Jet Airways ) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering Case) के आरोपों की जांच के तहत 538 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। जांच एजेंसी ने एक बयान में यह बात कही। इससे पहले केंद्रीय एजेंसी  ईडी ने 31 अक्टूबर को जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल और पांच अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। 

जानकारी के लिए बता दें कि ईडी ने एयरलाइन जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल को 1 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया था। जेट एयरलाइन के मालिक पर केनरा बैंक ने आरोप लगाया कि विमानन कंपनी को दिए गए लोन को कथित तौर पर व्यक्तिगत खर्चों और अपनी निजी देनदारियों को चुकाने के लिए इस्तेमाल किया गया।

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ईडी के बयान के अनुसार, "कुर्क की गई संपत्तियों में विभिन्न कंपनियों और व्यक्तियों जैसे मेसर्स जेटएयर प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स जेट एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, वहीं, नरेश गोयल, उनकी पत्नी अनीता गोयल और बेटे निवान गोयल के नाम पर 17 आवासीय फ्लैट, बंगले और वाणिज्यिक परिसर शामिल हैं। जो कि लंदन, दुबई और भारत भर के विभिन्न राज्यों में स्थित है।"

गौरतलब है कि एजेंसी ने केनरा बैंक, मुंबई के एक लिखित शिकायत के आधार पर सीबीआई, बीएस एंड एफबी दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। इस केस में जेट  एयरवेज के मालिक पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक कदाचार के अपराध का आरोप लगाया गया था। जेआईएल और इसके प्रमोटर और निदेशकों के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर 538.62 करोड़ रुपये का एनपीए हुआ। 

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