वित्त मंत्रालय ( सौजन्य : ट्विटर ) 
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वित्त मंत्रालय और बैंक प्रमुखों की अहम बैठक कल, इन योजनाओं को लेकर हो सकता है फैसला

वित्त मंत्रालय बजट पेश करने से पहले हर क्षेत्रों के प्रमुखों के साथ बैठकें कर रहे है। इन बैठकों में अहम मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। मंगलवार को वित्त मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) प्रमुखों की बैठक होने वाली है।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली : इस वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जुलाई में बजट पेश किया जाने वाला है। बजट से पहले कई अहम बैठकों का दौर जारी है। मंगलवार को वित्त मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) प्रमुखों की पीएम विश्वकर्मा, जन सुरक्षा और मुद्रा योजना की समीक्षा को लेकर बैठक होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी द्वारा की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पीएम विश्वकर्मा, स्टैंडअप इंडिया, पीएम स्वनिधि और अन्य कई प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा बैठक में वित्तीय समावेशन से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

बिना किसी गारंटी के न्यूनतम ब्याज दर पर कर्ज सहायता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल सितंबर में पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को बिना किसी गारंटी के न्यूनतम ब्याज दर पर कर्ज सहायता दी जाती है। पांच साल की अवधि के लिए 13,000 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ शुरू की गई इस योजना से बुनकर, सुनार, लोहार, कपड़े धोने वाले श्रमिक और नाई सहित पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लगभग 30 लाख परिवारों को लाभ होगा।

पीएम जनधन योजना की समीक्षा

सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा पीएम जनधन योजना के लक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी। सूत्रों ने कहा कि पीएमजेडीवाई के तहत निष्क्रिय खातों और रुपे कार्ड जारी करने की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

सरकारी योजनाओं की जानकारी

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) 18-50 वर्ष की आयु वर्ग के उन लोगों को, जिनके पास बैंक या डाकघर खाता है, किसी भी कारण से मृत्यु होने पर दो लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान करती है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) 18-70 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को दुर्घटना मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता के लिए दो लाख रुपये और आंशिक स्थायी विकलांगता के लिए एक लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करती है।

स्टैंडअप इंडिया योजना

जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बैंकों ने सात साल में स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत 1.80 लाख से अधिक लाभार्थियों को 40,700 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है। स्टैंडअप इंडिया योजना पांच अप्रैल, 2016 को शुरू की गई थी। इस योजना को अब बढ़ाकर 2025 तक कर दिया गया है। सरकार ने पिछले साल प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना को दिसंबर, 2024 तक बढ़ाने की मंजूरी दी थी। यह योजना जून, 2020 में शुरू की गई थी।

( एजेंसी इनपुट के साथ )

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