Gold-Silver Rate Today In India: घरेलू वायदा बाजार में बुधवार सुबह सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है जिसने सबको चौंका दिया। MCX पर बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में 0.55 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखने को मिली। इससे 10 ग्राम सोने का भाव काफी ज्यादा घटकर 1,41,471 रुपये के निचले स्तर पर आ गया है। बाजार में निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए यह एक बहुत ही अहम और बड़ी खबर है।
सोने के दामों के साथ-साथ आज बाजार में चांदी की कीमतों में भी 0.41 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई है। MCX पर चांदी फिसलकर 2,22,266 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर व्यापार कर रही है। यह भारी गिरावट अमेरिकी मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़ों में आए अचानक बदलाव का सीधा असर है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में इस समय काफी ज्यादा भू-राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है जिसका असर कीमतों पर है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार की सुबह बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में 0.55% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद 10 ग्राम सोने का भाव 1,41,471 रुपये के स्तर पर आ गया है। आम तौर पर डॉलर के कमजोर होने पर सोने के भाव बढ़ते हैं लेकिन इस बार भू-राजनीतिक तनाव के कारण उल्टा हुआ है। निवेशकों को कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के मिले-जुले असर से अचानक आए इस बदलाव से काफी हैरानी हुई है।
सोने की तरह ही आज कमोडिटी मार्केट में चांदी की कीमतों में भी 0.41% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर 1 किलो चांदी का भाव लुढ़ककर 2,22,266 रुपये पर पहुंच गया है। बाजार में आए इस अचानक बदलाव ने चांदी में निवेश करने वाले व्यापारियों को भी काफी ज्यादा प्रभावित किया है। भू-राजनीतिक कारकों के मिले-जुले असर से चांदी की कीमतों में भी यह भारी उतार-चढ़ाव लगातार जारी है।
MCX पर दर्ज की गई 1,41,471 रुपये प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत का सीधा असर देश के सभी प्रमुख शहरों पर पड़ा है। देश की राजधानी दिल्ली, आर्थिक राजधानी मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में सोने के भाव गिरे हैं। हालांकि स्थानीय करों और मेकिंग चार्ज के कारण इन सभी शहरों के सर्राफा बाजारों में सोने की अंतिम कीमत अलग-अलग हो सकती है। ग्राहकों को स्थानीय बाजार के ज्वैलर्स से अपना सटीक भाव जरूर जांचना चाहिए।
विशेषज्ञों और निवेशकों के अनुसार अमेरिकी महंगाई दर 4.2% से घटकर 3.5% होने से फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। महंगाई घटने से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100.92 से कमजोर होकर 100.76 पर आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता हुआ सैन्य तनाव इस समय बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम है। इस मोर्चे पर कोई कूटनीतिक पहल न होने से भविष्य में कीमतों की दिशा तय होगी।
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डॉलर के कमजोर होने के बावजूद कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत भारी तेजी देखी गई है। ब्रेंट क्रूड का सितंबर वायदा 1% से ज्यादा चढ़कर 86 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर पर पहुंच गया है। तेल की बढ़ती कीमतों का मुख्य कारण अमेरिका द्वारा ईरान पर और बड़े हमले करने की कड़ी चेतावनी देना है। खाड़ी क्षेत्र में तेल की सप्लाई बाधित होने के भारी खतरे से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव काफी बढ़ गया है।