Crude Oil Prices Drop: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान तनाव को खत्म करने के लिए किसी समझौते के करीब पहुंचते नज़र आ रहे हैं। इससे होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक रुकावट की चिंता कुछ कम हुई। इस खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को एक समय करीब 10 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।
अमेरिका का बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) शुरुआती कारोबार में करीब 10 प्रतिशत तक गिरा, लेकिन बाद में थोड़ा संभलकर लगभग 94.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 7 प्रतिशत गिरकर लगभग 102.14 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में ब्रेंट क्रूड करीब 103 डॉलर और WTI लगभग 96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा था, क्योंकि निवेशक खाड़ी में तनाव कम होने के संकेतों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
बाजार में यह तेजी एक्सियोस की एक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका और ईरान एक छोटे से समझौते पर सहमत होने के करीब हैं, जिसका मकसद फरवरी के आखिर में शुरू हुए इस टकराव को खत्म करना है। रिपोर्ट में कहा गया कि अगले 48 घंटों में बड़ी प्रगति हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को रोक रहा है। यह एक नौसैनिक अभियान था, जिसे इस हफ्ते की शुरुआत में शुरू किया गया था ताकि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा की जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान के बाद ईरान ने व्यापारिक जहाजों और अमेरिकी नौसेना पर नए हमले भी किए थे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ईरान पहले से तय बातों को मान लेता है, तो यह टकराव खत्म हो सकता है और होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुला रहेगा, जिसमें ईरान भी शामिल है। उन्होंने ईरान को चेतावनी भी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो फिर बमबारी शुरू हो सकती है, और पहले से ज्यादा तेज और बड़े स्तर पर हो सकती है।
हालांकि बाजार में थोड़ी राहत दिखी, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी कि रास्ता अभी भी बंद है।
इस बीच चीन ने भी कूटनीतिक कोशिशें शुरू कर दी हैं। खबर के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मुलाकात की और क्षेत्र में स्थिरता लाने की अपील की। चीन ईरान के तेल का बड़ा खरीदार है।
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इस टकराव की वजह से हाल के हफ्तों में ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.54 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जबकि डीजल की कीमत 5.67 डॉलर प्रति गैलन हो गई है।