बजट 2026, (डिजाइन फोटो- AI) 
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Budget 2026: 6G रिसर्च और इंटरनेट की अगली क्रांति के लिए बजट में क्या खास? जानें सरकार का मेगा प्लान

Budget 2026: टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट में 6G पर ध्यान देना भारत को वैश्विक मानक तय करने में मदद करेगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि भारत तकनीक का निर्यातक बन सकेगा।

मनोज आर्या

6G In Budget 2026: वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में मोदी सरकार ने भारत को दुनिया का 'टेलीकॉम पावरहाउस' बनाने की दिशा में अपने इरादे साफ कर दिए हैं। वित्त मंत्री ने इस बार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेष रूप से 6G (Sixth Generation) रिसर्च के लिए एक समर्पित रोडमैप पेश किया है। जहां दुनिया अभी 5G को पूरी तरह अपनाने की कोशिश कर रही है, वहीं भारत ने 'भारत 6G मिशन' के जरिए इंटरनेट की अगली क्रांति का नेतृत्व करने के लिए खजाना खोल दिया है।

बजट 2026 में सरकार ने 6G रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए लगभग ₹10,000 करोड़ का शुरुआत फंड आवंटित किया है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य घरेलू कंपनियों, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों को 6G पेटेंट (Patents) विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इंटरनेट की अगली क्रांति में क्या बदलेगा?

बजट में 6G को केवल 'तेज इंटरनेट' के रूप में नहीं, बल्कि एक 'इकोसिस्टम' के रूप में देखा गया है। बजट के प्रावधानों के अनुसार, 6G तकनीक के जरिए निम्नलिखित क्षेत्रों में क्रांति लाने की तैयारी है।

  • टेरा हर्ट्ज (THz) कम्युनिकेशन: 5G के मुकाबले 100 गुना तेज स्पीड, जो रियल-टाइम डेटा ट्रांसफर को संभव बनाएगी।
  • होलोग्राफिक कम्युनिकेशन: वीडियो कॉलिंग की जगह 3D होलोग्राफिक इमेज के जरिए बातचीत।
  • सेंसरिंग और एआई इंटीग्रेशन: एआई (AI) आधारित नेटवर्क जो खुद अपनी कमियों को ठीक कर सकेगा।

'भारत 6G एलायंस' को नई मजबूती

सरकार ने 'भारत 6G एलायंस' के विस्तार के लिए बजट में अतिरिक्त प्रोत्साहन की घोषणा की है। इसमें टेलीकॉम गियर निर्माताओं (जैसे नोकिया, एरिक्सन और भारतीय स्टार्टअप्स) के लिए PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) 2.0 का प्रस्ताव दिया गया है। इससे भारत में 6G उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

 ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए सैटकॉम पर जोर

6G क्रांति को गांव-गांव तक पहुँचाने के लिए बजट 2026 में सैटेलाइट कम्युनिकेशन (Satcom) के लिए नीतिगत छूट और स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रस्ताव है। इससे उन दुर्गम क्षेत्रों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट पहुँचेगा जहाँ फाइबर बिछाना कठिन है।

फीचर 5G (वर्तमान) 6G (लक्ष्य 2026+)
पीक डेटा स्पीड 10-20 Gbps 100 Gbps से 1 Tbps
लेटेंसी (Delay) 1 मिलीसेकंड 0.1 मिलीसेकंड से कम
उपयोग मोबाइल, IoT होलोग्राफिक, टेली-सर्जरी, मेटावर्स
स्पेक्ट्रम 24-100 GHz 100 GHz - 3 THz

इंडस्ट्री का रिएक्शन

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट में 6G पर ध्यान देना भारत को वैश्विक मानक (Global Standards) तय करने में मदद करेगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि भारत तकनीक का खरीदार होने के बजाय 'तकनीक का निर्यातक' (Exporter) बन सकेगा।

डिजिटल भारत का नया अध्याय

बजट 2026 में 6G पर दिया गया जोर यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक तकनीकी रेस में पीछे नहीं रहना चाहता। अनुसंधान, स्वदेशी निर्माण और बुनियादी ढांचे पर निवेश के जरिए सरकार 'डिजिटल इंडिया' को एक ऐसी ऊंचाई पर ले जाना चाहती है जहां इंटरनेट केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हो।

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