निर्मला सीतारमण  
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मिडिल क्लास, महिला और किसान, मोदी सरकार किस पर मेहरबान? 10 प्वाइंट्स में समझें 9वें बजट की खास बातें

Union Budget 2026: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी रविवार, 1 फरवरी को अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। जानें आप इस बजट से किन 10 बातों की उम्मीद कर सकते हैं।

अर्पित शुक्ला

Budget 2026 Top 10 Points: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी रविवार, 1 फरवरी को अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए बजट का फोकस बेहद अहम माना जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2027 के बजट में रक्षा, बुनियादी ढांचा, पूंजीगत व्यय, बिजली और किफायती आवास जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है।

बजट 2026 की बड़ी बातें

  • 75 साल की परंपरा में बदलाव: इस साल का बजट एक नई परंपरा की शुरुआत कर सकता है। अब तक बजट भाषण का ज्यादातर हिस्सा पार्ट-A में होता था, जबकि पार्ट-B टैक्स और नीतिगत घोषणाओं तक सीमित रहता था। लेकिन इस बार रणनीति बदलते हुए वित्त मंत्री का फोकस मुख्य रूप से पार्ट-B पर रहने की उम्मीद है।
  • विकसित भारत विजन 2047 पर जोर: सूत्रों के मुताबिक, बजट भाषण के पार्ट-B में विकसित भारत विजन 2047 को केंद्र में रखा जाएगा। इसमें लोकल क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना, ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की भूमिका, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार और दीर्घकालिक आर्थिक रणनीतियां शामिल हो सकती हैं।
  • शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म प्राथमिकताएं: वित्त मंत्री से उम्मीद है कि वह बजट के दूसरे हिस्से में भारत की तात्कालिक आर्थिक प्राथमिकताओं और लंबे समय के लक्ष्यों, दोनों को स्पष्ट रूप से सामने रखेंगी। 21वीं सदी के दूसरे क्वार्टर में प्रवेश कर रहे भारत की आर्थिक दिशा पर विशेष फोकस रहेगा।
  • वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत ग्रोथ: भारत की अर्थव्यवस्था ने अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए दंडात्मक टैरिफ का संतुलित तरीके से सामना किया है। बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च के चलते 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए 7.4 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है।
  • ग्रामीण विकास और कृषि को प्राथमिकता: केंद्रीय बजट 2026 में ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र पर खास ध्यान दिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ाने वाली योजनाओं के लिए अधिक बजट आवंटन संभव है।
  • नई रोजगार गारंटी योजना पर जोर: ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से नई रोजगार गारंटी योजना ‘विकसित भारत–जी राम जी’ (VB–G Ram G) के लिए बजट बढ़ाकर 1.51 लाख करोड़ रुपये करने का अनुरोध किया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
  • पेपरलेस बजट की परंपरा जारी: 2019 में चमड़े के ब्रीफकेस की जगह ‘बही-खाता’ लाने के बाद से बजट प्रस्तुति में बदलाव देखने को मिला है। इस साल भी पिछले चार वर्षों की तरह बजट पूरी तरह पेपरलेस रहने की संभावना है।
  • राजकोषीय घाटे पर नजर: वित्तीय वर्ष 2026 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का लगभग 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। बाजार की नजर इस बार भी कर्ज-से-जीडीपी अनुपात में और कमी पर टिकी रहेगी।
  • पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी संभव: मौजूदा वित्तीय वर्ष में सरकार का पूंजीगत व्यय लक्ष्य 11.2 लाख करोड़ रुपये है। बजट 2026 में इसमें 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा सकती है, जिस पर निजी क्षेत्र की खास नजर रहेगी।
  • निवेश बढ़ाने के लिए बड़े फैसले: रॉयटर्स के मुताबिक, बजट में घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए और सुधारों की घोषणा हो सकती है। इसमें रक्षा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के लिए निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 ऐसे समय में आ रहा है जब एक ओर घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और महंगाई में कुछ राहत है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक अनिश्चितताएं भूराजनीतिक तनाव, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों की नीतियां—चुनौतियां पेश कर रही हैं। ऐसे में इस बजट से काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।

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