4 बैंकों ने अपनी ब्याज दरें 0.25% घटाई (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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सस्ता हुआ लोन: RBI के फैसले के बाद 4 बड़े बैंकों ने ब्याज दरें घटाईं, जानें नई दरें

RBI Rate Cut: RBI द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती के बाद, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और करूर वैश्य बैंक समेत 4 बैंकों ने अपनी ब्याज दरें 0.25% घटा दी हैं।

प्रिया सिंह

Banks Interest Rates Reduced: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में एक बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। इस घोषणा के बाद आम आदमी के लिए होम लोन और अन्य लोन सस्ते होने का रास्ता खुल गया है। देश के चार प्रमुख बैंकों ने भी तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अपनी लोन की ब्याज दरें घटाने का ऐलान कर दिया है। यह खबर उन सभी लोगों के लिए फायदेमंद है जो घर खरीदने या नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं।

RBI के फैसले का सीधा फायदा

शुक्रवार को RBI ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत (25 बेसिस पॉइंट्स) की कटौती का ऐलान किया था। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI, देश के अन्य कमर्शियल बैंकों को पैसा उधार देता है। जब यह दर कम होती है, तो बैंकों को सस्ता फंड मिलता है, जिसका सीधा फायदा वे ग्राहकों को लोन की ब्याज दरें कम करके देते हैं। इसी क्रम में, देश के चार बड़े बैंकों, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और करूर वैश्य बैंक (KVB) ने अपनी ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है।

कितनी कम हुई हैं ब्याज दरें?

इन चारों बैंकों ने RBI के फैसले के अनुरूप अपनी ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। यह कटौती 5 और 6 दिसंबर 2025 से लागू हो गई है।

  • बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB): नई ब्याज दर 8.15% से घटकर 7.90% हो गई है।
  • इंडियन बैंक: ब्याज दर 8.20% से कम होकर 7.95% हो गई है।
  • बैंक ऑफ इंडिया: नई दर 8.35% (अनुमानित) से घटकर 8.10% पर आ गई है।
  • करूर वैश्य बैंक (KVB): यहां ब्याज दर 8.80% से कम होकर 8.55% हो गई है।

ब्याज दरों में इस कटौती का मतलब है कि इन बैंकों से लोन लेने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त (EMI) अब कम हो जाएगी, जिससे उन पर वित्तीय बोझ कम पड़ेगा।

क्यों घटती है लोन की EMI?

रेपो रेट में कटौती का सीधा असर बैंकों की फंडिंग लागत पर पड़ता है। जब रेपो रेट कम होता है, तो बैंकों को कम ब्याज पर पैसा मिलता है। यह बचत वे ग्राहकों को देते हैं, जिससे होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें कम हो जाती हैं। कम ब्याज दर का मतलब है कि आपको अपने लोन पर कम ब्याज चुकाना होगा और आपकी EMI भी घट जाएगी। यह अर्थव्यवस्था में ऋण की मांग को बढ़ावा देने और उपभोग (Consumption) को प्रोत्साहित करने का एक तरीका है।

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