प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI) 
बिज़नेस

Amazon का भारत में बड़ा धमाका: 2800 करोड़ का निवेश, अब मुंबई समेत बड़े शहरों में होगी मिनटों में डिलीवरी

Amazon India investment 2026: अमेजन इंडिया ने 2800 करोड़ के निवेश के साथ भारत में अपना दबदबा बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इससे क्विक कॉमर्स को रफ्तार मिलेगी, लाखों कर्मचारियों को योजनाओं का लाभ मिलेगा।

आकाश मसने

Amazon Samridhi Program: अमेजन ने भारत में अपने ऑपरेशंस को और मजबूत करने के लिए लगभग 2800 करोड़ रुपये (300 मिलियन डॉलर) के नए निवेश की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ बिज़नेस विस्तार नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय स्थिरता को बेहतर बनाना भी है। यह निवेश कंपनी की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह 2030 तक भारत में 35 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुंबई बनेगा क्विक कॉमर्स का नया हब

इस विस्तार में मुंबई एक प्रमुख केंद्र के रूप में शामिल है। कंपनी अपने क्विक कॉमर्स और डिलीवरी नेटवर्क को मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में तेजी से बढ़ा रही है। मुंबई में माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर और डिलीवरी सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, ताकि ग्राहकों को मिनटों और घंटों में तेज डिलीवरी मिल सके। कंपनी अपने ‘समृद्धि प्रोग्राम' के माध्यम से गुजरात, हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में अपने लाखों एसोसिएट्स और 2 लाख से अधिक कम्युनिटी मेंबर्स को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद करेगी। इस योजना के तहत ई-श्रम कार्ड, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन योजनाएं और शैक्षिक सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

तेज डिलीवरी के लिए नेटवर्क विस्तार

अमेजन भारत में अपने फुलफिलमेंट सेंटर, सॉर्टेशन सेंटर और डिलीवरी स्टेशनों का लगातार विस्तार कर रहा है। 2025 में कंपनी ने कई नए सेंटर शुरू किए, जिससे देशभर में डिलीवरी नेटवर्क और मजबूत हुआ है। अब कंपनी का लक्ष्य छोटे शहरों से लेकर बड़े महानगरों तक तेज और भरोसेमंद डिलीवरी सुनिश्चित करना है।

क्विक कॉमर्स पर बढ़ता फोकस

कंपनी की नई सेवा Amazon Now को तेज डिलीवरी के लिए विकसित किया गया है। मुंबई जैसे बड़े शहरों में इस सेवा के जरिए जरूरी सामान मिनटों में पहुंचाने की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए देशभर में 300 से अधिक माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर बनाए जा चुके हैं और आगे और विस्तार की योजना है। इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा कर्मचारियों और डिलीवरी पार्टनर्स की भलाई पर खर्च किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि उसका पूरा नेटवर्क उसके कर्मचारियों पर आधारित है, इसलिए उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है।

स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

2026 में प्रोजेक्ट आश्रय का विस्तार किया जाएगा, जिसके तहत डिलीवरी कर्मचारियों के लिए आराम की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। पूरे देश में मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे, जहां मुफ्त स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराई जाएगी। ट्रक ड्राइवरों और डिलीवरी स्टाफ के लिए स्वास्थ्य कार्यक्रमों को भी मजबूत किया जाएगा।

टेक्नोलॉजी और एआई का उपयोग

‘समृद्धि प्रोग्राम’ के तहत कर्मचारियों को आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा मिल सके। इसके साथ ही अमेज़न अपने डिलीवरी नेटवर्क को और सुरक्षित व तेज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर रहा है। इससे डिलीवरी मार्ग अधिक प्रभावी बनेंगे, ड्राइवरों को रीयल-टाइम अलर्ट मिलेंगे और डिलीवरी समय कम होगा।

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