Tejashwi Yadav RJD Restructure: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल में विवादों का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच आरेजेडी नेतृत्व ने प्रदेश से लेकर पंचायत लेवल की सभी कमेटी को भंग करने की घोषणा कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव नई टीम का गठन करेंगे और और पार्टी को नई सिरे से खड़ा करेंगे।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब हाल ही पटना की बांकीपुर में हुए उपचुनाव में राजद को जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, चुनाव के नतीजे के लेकर राजद विधयाक भाई वीरेंद्र और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव के बीच सियासी टकराव की स्थिति बनी हुई है।
राष्ट्रीय जनता दल ने प्रदेश, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर की सभी सांगठनिक यूनिट के साथ-साथ सभी प्रकोष्ठ को भी भंग कर दिया है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने गुरुवार को इस संबंध में एक आदेश जारी किया। इससे पहले नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी लालू-तेजस्वी की पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। बिहार विधानसभा में राजद के विधायकों की संख्या सिमटकर मात्र 25 रह गई।
बांकीपुर उपचुनाव में राजद को मिली हार के बाद पार्टी में सियासी जंग तेज हो गई है। मनेर विधानसभा से राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह के बीच सियासी बयानबाजी जारी है। दोनों नेताओं के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। भाई विरेंद्र ने हालिया उपचुनाव में मिली हार की वजह राजद की संगठनात्मक कमजोरी को बताया और तेजस्वी यादव के कुछ करीबी नेताओं पर निशाना साधा।
भाई विरेंद्र के आरोपों पर पलटवार करते हुए शक्ति सिंह ने उन्हें नसीहत देते हुए चुप ही रहने को कहा है। शक्ति सिंह ने मनेर विधायक से पूछा कि आपने किया ही क्या है? फिर भाई वीरेंद्र तमतमागए और शक्ति सिंह यादव को सख्त लहजे में जवाब देते हुए कहा कि ज्यादा बोलेंगे तो वह उनकी पूरी पोल भी खोल देंगे।
बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले राजद के प्रवक्ता रहे मृत्युंजय तिवारी भी पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजद में उन्हें अपमानित महसूस हो रहा था। उन्होंने भी पार्टी नेतृत्व के करीबी नेताओं को इसका जिम्मेदार ठहराया था। मृत्यंजय तिवारी ने यह भी कहा कि उन्होंने तेजस्वी यादव से इस बारे में कई बार शिकायत की लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। सूत्रों से पता चला कि मृत्युंजय तिवारी, शक्ति सिंह यादव से नाराज चल रहे थे।