Tejashwi Yadav On Student Protest: पटना में छात्र संगठनों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर छात्रों के प्रति तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार संवाद करने के बजाय लाठीचार्ज और दमन की राजनीति कर रही है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, 'चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए।' तेजस्वी ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं की मांगों को लेकर सरकार को घेरा।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि छात्रों पर AK-47 से गोली चलाने वाली निरंकुश एनडीए सरकार चौतरफा आलोचना और विपक्ष के दबाव में गोलीबारी तो छोड़ सकती है, लेकिन लाठीचार्ज नहीं छोड़ सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का छात्रों के प्रति तानाशाही रवैया खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है और मंगलवार को भी आंदोलनरत छात्रों पर अत्याचार किया गया।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने, नौकरी और पढ़ाई की लड़ाई लड़ रहे छात्र-युवाओं से सरकार संवाद नहीं करना चाहती। इसके बजाय अधिकारियों के माध्यम से उनका अपमान कराया जाता है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस से लाठीचार्ज कराया जाता है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि “मनी और मशीन” के लूट तंत्र से बनी सरकार से बिहार के युवा डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठी चलाई जाए या गोली, बिहार के छात्र अब पीछे हटने वाले नहीं हैं।
दरअसल, विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को पटना में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर परीक्षाएं और परिणाम जारी करना तथा सरकारी नौकरियों से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं में तेजी लाना शामिल है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग किया।
छात्र आंदोलन को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर संवाद नहीं करने और आंदोलन को दबाने का आरोप लगा रहा है।