Prashant Kishor Bihar Yatra: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी शिकस्त के बाद प्रशांत किशोर शांत बैठने वाले नहीं हैं। अपनी जन सुराज पार्टी को फिर से खड़ा करने और उसमें जान फूंकने के लिए वे अब एक नई कवायद शुरू करने जा रहे हैं। पीके 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे, जिसकी शुरुआत पश्चिम चंपारण जिले से होगी।
इस यात्रा के दौरान प्रशांत किशोर विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे और पार्टी पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें करेंगे। जन सुराज ने उनकी यात्रा के पहले चरण का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। 8 फरवरी से 13 फरवरी तक चलने वाले इस दौरे में वे बगहा से लेकर वैशाली तक संगठन की नब्ज टटोलेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे।
प्रशांत किशोर की बिहार यात्रा का पहला चरण 8 फरवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार, पहले दिन यानी 8 फरवरी को वे पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ अहम मीटिंग करेंगे। इसके अगले दिन 9 फरवरी को बेतिया में बैठक आयोजित होगी।
उनका काफिला यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि 10 फरवरी को वे पूर्वी चंपारण के मोतिहारी पहुंचेंगे। इसके बाद 11 फरवरी को दरभंगा, 12 फरवरी को मुजफ्फरपुर और अंत में 13 फरवरी को वैशाली जिले का दौरा करेंगे। इन छह दिनों के दौरान पीके संगठन की कमजोरियों को परखेंगे और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम करेंगे।
बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने अकेले दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन परिणाम बेहद निराशाजनक रहे और पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। इस शर्मनाक हार के बाद संगठन में उथल-पुथल मच गई और कई नेताओं व पदाधिकारियों ने पीके का साथ छोड़ना शुरू कर दिया। अब प्रशांत किशोर जन सुराज को फिर से मजबूत करने के मिशन पर हैं।
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जन सुराज की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पार्टी को नए सिरे से सशक्त करना, संगठनात्मक पुनर्गठन और नव निर्माण करना है। पीके खुद जिलों में जाकर चर्चा करेंगे। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिलों में बैठक होने के महज तीन दिनों के भीतर ही जिला मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरीय नेताओं की उपस्थिति में नए संगठन की घोषणा कर दी जाएगी। यह कदम पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से सक्रिय और अनुशासित करने की दिशा में उठाया गया है।