पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बिहार

मौत नहीं हत्या है...पप्पू यादव ने खड़काया आईजी का फोन, वंदेभारत एक्सीडेंट केस में बड़ा खुलासा

Bihar News: पप्पू यादव ने महानिरीक्षक को बताया कि ठेकेदार ने पहले भी उन्हें धमकी दी थी। अगर वे वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ जाते, तो उनके शवों के टुकड़े-टुकड़े हो जाते। सभी शव एक साथ रखे गए थे।

अभिषेक सिंह

Pappu Yadav: बिहार के पूर्णिया में वंदे भारत एक्सप्रेस में चार युवकों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सांसद पप्पू यादव ने ठेकेदार पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को फोन कर मामले की गहन जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

पप्पू यादव ने महानिरीक्षक को बताया कि ठेकेदार ने पहले भी उन्हें धमकी दी थी। अगर वे वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ जाते, तो उनके शवों के टुकड़े-टुकड़े हो जाते। सभी शव एक साथ रखे गए थे। यह मामला गहन जांच का हकदार है।

20 लाख मुआवजा देने की मांग

सांसद राजेश रंजन उर्फ ​​पप्पू यादव ने व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और प्रत्येक मृतक परिवार को 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने केंद्र सरकार से प्रत्येक परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आग्रह किया।

हत्या की साजिश है ये: पप्पू यादव

पप्पू यादव ने कहा कि यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए दुःख की बात है। उन्होंने कहा कि वह और उनका पूरा संगठन इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। मुलाकात के दौरान सांसद ने मृतक बच्चों के परिवारों से घटना की पूरी जानकारी ली। परिजनों ने कहा कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या की साजिश थी। सांसद ने सवाल उठाया कि अगर वंदे भारत ट्रेन इतनी तेज़ गति से चलती है, तो टक्कर लगने के बाद चारों शव एक ही जगह कैसे मिले? उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर कई बिंदु संदेह पैदा करते हैं।

मारकर फेंका गया है: पूर्णिया सांसद

शनिवार को पूर्णिया के कसबा प्रखंड के जमुनिया गांव के पास वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से बनमनखी विधानसभा क्षेत्र के चांदपुर भंगहा पंचायत के चार किशोरों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पप्पू यादव ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट किया।

उन्होंने लिखा कि पांचों युवक वंदे भारत ट्रेन की चपेट में नहीं आए। ये सभी महादलित युवक थे, जिन्हें सुनियोजित तरीके से मारकर फेंक दिया गया। शवों के परिजनों का कहना है कि ठेकेदार उन्हें धमका रहा था और उसने ही उनकी हत्या करके फेंक दिया! मैंने पूर्णिया आईजी से इस मामले में सच और झूठ की पहचान करने को कहा है।

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