Bihar Health Minister Nishant Kumar: बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया। मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार गुरुवार सुबह पटना से दिल्ली रवाना हो गए। हालांकि, इस दौरान उन्होंने मुजफ्फरपुर के अस्पताल में लगी आग की घटना पर कोई जवाब नहीं दिया।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री पद पर होने के बावजूद निशांत कुमार ने मुजफ्फरपुर जाने से अच्छा दिल्ली जाना बेहतर समझा। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार गुरुवार सुबह पटना एयरपोर्ट पर JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ पहुंचे थे। जब पत्रकारों ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुजफ्फरपुर की घटना पर सवाल किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
निशांत कुमार के साथ संजय झा भी मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना निकल गए। वे दोनों कोई भी जवाब देने से बचते नजर आए।
इसके बाद, विपक्षी दलों ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की चुप्पी पर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "स्वास्थ्य मंत्री इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।" उन्होंने कहा कि कहीं आग लग रही है और कहीं चोरी डकैती हो रही है, इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
बता दें कि गुरुवार तड़के सुबह मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में भीषण आग लगी। इस आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। हालांकि, मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इनमें मीनापुर थाना क्षेत्र के गौरिगामा गांव के निवासी कृष्णनंदन प्रसाद सिंह (76), कथैया थाना क्षेत्र के डिस्टोलिया गांव की निवासी गीता देवी (62), मूल रूप से औराई थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव के रहने वाले और वर्तमान में अहियापुर के न्यूलाल चौक पर निवास कर रहे शशांक कुमार (30) व शिवहर जिले के तरियानी छपरा थाना क्षेत्र के विशंभरपुर गांव के निवासी उदय कुमार (57) शामिल हैं।
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यह घटना मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसाद अस्पताल में तड़के लगभग 3 बजे हुई। एक फायर अधिकारी के अनुसार, आग अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिससे घना धुआं उठा जो तेजी से पूरे अस्पताल में फैल गया और मरीजों, उनके साथ आए लोगों और अस्पताल के कर्मचारियों में दहशत फैल गई।
आग लगने से वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जबकि आपातकालीन बचाव दल और स्थानीय निवासियों ने मिलकर इमारत के अंदर फंसे मरीजों को बाहर निकालने में पूरी मदद की। इस घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।