चंद्र बाबू नायडू, नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी(फोटो- सोशल मीडिया) 
बिहार

भाजपा के चक्कर में फंस गए नीतीश-नायडू और चिराग! मुस्लिम संगठनों ने इसलिए किया बहिष्कार का ऐलान

वक्फ बोर्ड संशोधन विधायक को लेकर सियासी पारा हाई है। अब मुस्लिम संगठनों ने नीतीश कुमार, चंद्र बाबू नायडू और चिराग पासवान के बहिष्कार का ऐलान किया है।

Saurabh Pal

नई दिल्ली: वक्फ बोर्ड संशोधन विधायक को लेकर सियासी पारा हाई है। अब मुस्लिम संगठनों ने नीतीश कुमार, चंद्र बाबू नायडू और चिराग पासवान के बहिष्कार का ऐलान किया है। प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने शुक्रवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक पर रुख को देखते हुए वह नीतीश कुमार, एन चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान के इफ्तार, ईद मिलन और दूसरे कार्यक्रमों से बहिष्कार करेगा। इतना ही नहीं अन्य मुस्लिम संगठनों को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे।

जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने एक बयान में आरोप लगाया कि ये नेता सरकार के ‘संविधान विरोधी कदमों' का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में इस समय जिस तरह के हालात हैं और खासकर अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुसलमानों के साथ जो अन्याय और अत्याचार किया जा रहा है, वह किसी से छुपा नहीं है। लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि खुद को धर्मनिरपेक्ष और मुसलमानों का हमदर्द बताने वाले नेता, जिनकी राजनीतिक सफलता में मुसलमानों का भी योगदान रहा है, वे सत्ता के लालच में न केवल खामोश हैं, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से अन्याय का समर्थन भी कर रहे हैं।''

मदनी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान जैसे नेता सत्ता की खातिर न केवल मुसलमानों के खिलाफ हो रहे अन्याय को नजरअंदाज कर रहे हैं, बल्कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की भी अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर इन नेताओं का रवैया इनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

ये नेता केवल मुसलमानों के वोट हासिल करने के लिए दिखावे का धर्मनिरपेक्षता को अपनाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद मुस्लिम समुदाय के मुद्दों को पूरी तरह भुला देते हैं। इसी के मद्देनजर जमीयत उलमा-ए-हिंद ने निर्णय लिया है कि वह ऐसे नेताओं के आयोजनों में शामिल होकर उनकी नीतियों को वैधता प्रदान नहीं करेगी।'' मदनी ने देश के अन्य मुस्लिम संगठनों से भी अपील की है कि वे भी इस सांकेतिक विरोध में शामिल हों और इन नेताओं की इफ्तार पार्टी और ईद मिलन जैसे आयोजनों में भाग लेने से परहेज करें।

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