खान सर का कोचिंग संस्थान (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
बिहार

फायरिंग विवाद के बाद खान सर के कोचिंग और अस्पताल पर लटकेगा ताला? 7 दिन का मिला अल्टीमेटम, बढ़ी मुश्किलें

Fire Safety Audit Patna: फायरिंग विवाद के बाद खान सर की कोचिंग और अस्पताल में अग्निशमन विभाग की टीम ने जांच किया। फायर सेफ्टी ऑडिट में कई गंभीर खामियां मिलीं हैं।

अमन मौर्या

Khan Sir Patna Coaching: पटना वाले खान सर की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले कुछ दिनों से कोचिंग पर हुए हमले और फायरिंग विवाद में मुश्किलों में घिरे खान सर पर अब एक नई आफत आ गई है। फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई के बीच अब खान सर के कोचिंग संस्थान और अस्पताल पर भी प्रशासन कार्रवाई की तैयारी में है।

रविवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने खान सर के कोचिंग संस्थान और अस्पताल परिसर में फायर सेफ्टी की जांच की। जांच के दौरान फायर सेफ्टी के मानकों को लेकर गंभीर खामियां सामने आई। इसके बाद विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

आवश्यक सुरक्षा प्रावधान संस्थान में मौजूद नहीं

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद कई कोचिंग संस्थानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भी फायर सेफ्टी की जांच की गई है। बिहार फायर सर्विस के कमांडेंट रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि मई में भी कोचिंग संस्थान का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत कई आवश्यक सुरक्षा प्रावधान संस्थान में मौजूद नहीं थे।

7 दिनों का अल्टीमेटम

उन्होंने बताया कि इमारत में सिर्फ एक सीढ़ी बनी हुई है, जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। बताया गया कि सर्विस ने स्पष्ट किया है कि बड़ी संख्या में छात्र प्रतिदिन इस संस्थान में अध्ययन के लिए आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग ने खान सर की कोचिंग प्रबंधन को 7 से 10 दिनों के भीतर सभी आवश्यक सुधार पूरे करने का निर्देश दिया है। यदि निर्धारित समय सीमा तक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो विभाग आगे की कार्रवाई करने पर विचार कर सकता है।

दूसरी ऑडिट में भी मिलीं खामियां

खान सर के संस्थान में टीम द्वारा किया गया यह दूसरा फायर ऑडिट था। इससे पहले हुए निरीक्षण में भी कई कमियां उजागर हुई थीं, लेकिन उन पर संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने के कारण विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है। बताया गया कि पटना के कई निजी अस्पतालों की भी फायर सेफ्टी की जांच की गई है, जिसमें भी गंभीर स्तर की सुरक्षा खामियां पाई गईं। किसी भी आपात स्थिति में यहां मरीजों और अन्य लोगों की जान को बड़ा खतरा हो सकता था। इसी आधार पर विभाग ने कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की है।

बता दें कि हाल ही में मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद सरकार अब कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है।

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