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MLC चुनाव में जेडीयू के नेता आज हार की समीक्षा करेंगे
छपरा और तिरहुत में जेडीयू उम्मीदवारों की हार के बाद बैठक
उम्मीदवारों के साथ संबंधित क्षेत्र के नेताओं से भी जवाब-तलब होगा
Bihar MLC Election Review: बिहार में हाल ही में विधान परिषद (MLC) की आठ सीटों पर चुनाव हुए। इनमें जेडीयू के उम्मीदवारों को छपरा (सारण शिक्षक) और तिरहुत (स्नातक) सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पार्टी आज यानी 5 नवंबर को समीक्षा बैठक कर रही है। बैठक में हार के कारणों की पड़ताल की जाएगी।
पटना स्थित पार्टी कार्यालय में हो रही इस बैठक की अध्यक्षता जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा करेंगे। बैठक में हारे हुए उम्मीदवारों के साथ संबंधित क्षेत्र के नेताओं से भी जवाब मांगा जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि आखिर जेडीयू से कहां चूक हुई? किसने भीतरघात किया? किन नेताओं ने साथ नहीं दिया और हार की असली वजह क्या रही?
जेडीयू ने चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें सिर्फ पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार जीते। बाकी तीन सीटों पर पार्टी को हार मिली। सारण शिक्षक सीट पर जेडीयू के पुष्कर आनंद निर्दलीय राहुल राज से हारे। तिरहुत स्नातक सीट पर अभिषेक झा निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी से हार गए। दरभंगा शिक्षक सीट पर भी पार्टी को नुकसान हुआ।
हार के बाद जेडीयू और भाजपा के बीच भी कुछ तनाव की खबरें आ रही हैं। निर्दलीय जीते दोनों उम्मीदवार बाद में भाजपा में शामिल हो गए। इससे पार्टी के अंदर सवाल उठ रहे हैं कि सहयोगी दल का समर्थन कितना मिला? बैठक में पार्टी नेतृत्व हार के कारणों को समझने की कोशिश करेगा। जमीनी स्तर पर संगठन की कमजोरी, प्रचार की कमी या आंतरिक मतभेद जैसी बातों पर चर्चा हो सकती है।
जेडीयू इस समीक्षा के आधार पर भविष्य की रणनीति तय करेगी। बिहार की राजनीति में MLC चुनाव को लेकर हमेशा चर्चा रहती है। इस बार की हार ने पार्टी को आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया है। बैठक के नतीजे आगे की सियासी हलचल तय करेंगे।
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार की जीत भी बहुच चर्चा में रही। यह जेडीयू की अकेली जीती हुई सीट थी। बाकी तीन सीटें पार्टी हार गई। इस सीट पर पूर्व जेडीयू नेता अनंत सिंह ने विरोधी उम्मीदवार का समर्थन किया था। इसके बावजूद नीरज कुमार जीत गए। जीत के बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह पर भी सवाल उठाए थे। इसी वजह से नीरज कुमार की यह सीट पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चा का विषय बनी हुई है।