जन सुराज पार्टी से डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर की संदिग्ध मौत
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले थे देवपालिका गुप्ता
रांची से पटना की यात्रा के दौरान अचानक ट्रेन से लापता हुए थे देवपालिका गुप्ता
Devpalika Communication Manager At Jan Suraj: प्रशांत किशोर के जनसुराज के लिए दुखद खबर है। पार्टी के संचार टीम के सदस्य देवपालिका गुप्ता की डेड बॉडी मिली है। देवपालिक गुप्ता झांरखंड से पटना की यात्रा कर रहे थे। इसी दरमियान उनके लापता होने की जानकारी सामने आई थी। 27 अक्टूबर को दोपहर में उनकी डेड बॉडी मिलने से हड़कंप मच गया है।
देवपालिका गुप्ता के लापता होने के बाद से रेलवे सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी थी। बताया गया है कि वे अपनी बर्थ से पैंट्री कार में जाने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनका मोबाइल फोन भी बंद था।
गुप्ता जन सुराज पार्टी से डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के तौर पर जुड़े हुए थे। वे दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) के पूर्व छात्र भी थे।
जन सुराज पार्टी से डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिका गुप्ता अपने एक दोस्त और सहकर्मी गौतम कुमार के साथ 26 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:30 मिनट पर जनशताब्दी ट्रेन में झारखंड की यात्रा के लिए बैठे। उनके दोस्त के अनुसार ट्रेन चलने के थोड़ी देर बाद गुप्ता पैंट्री कार में जाने को कहकर चले गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब गुप्ता वापस नहीं लौटे तो गौतम कुमार उनकी तलाश शुरू किए। पूरी ट्रेन खंगालने के बाद भी गुप्ता जब कही नहीं मिले तो जीआरपी को सुचित किया गया।
देवपालिका गुप्ता उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले थे। IIMC से पढ़ाई करने के बाद बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान देवपालिका जन सुराज के साथ बतौर सोशल मीडिया मैनेजर जुड़कर काम करने लगे।
रेलवे अधिकारियों ने मुरी जंक्शन के CCTV फुटेज की जांच शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या गुप्ता ने इस स्टेशन पर ट्रेन छोड़ी थी। रांची के बाद मुरी पहला स्टेशन पड़ता है।
मुरी जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के इंस्पेक्टर संजीव सिंह ने मीडिया को बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुप्ता वहां ट्रेन से नहीं उतरे थे। जब अधिकारी उनके ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रहे थे, तब उनका फोन बंद था।
उन्हें खोजने के लिए स्थानीय पुलिस और RPF कर्मियों की एक संयुक्त टीम भी तैनात की गई थी। बाद में एक जंगल में गुप्ता का शव मिलने से कई नए सवाल खड़े हो गए हैं कि यात्रा के दौरान उनके लापता होने के बाद आखिर क्या हुआ था।